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लोनिवि की सड़क के पुश्ते से टूट गया था मकान
Updated Mon, 12 Feb 2018 10:28 PM IST
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चंबा (टिहरी)। रानीचौरी-सेमल्टा मोटर मार्ग की सुरक्षा दीवार से सेमल्टा गांव के एक राजमिस्त्री का मकान टूट गया था, लेकिन राजमिस्त्री को सात साल बाद भी इसका मुआवजा नहीं मिल पाया है।
चैतवालू तोक निवासी टुमीराम मिस्त्री का मकान 8 सितंबर 2010 को सड़क की सुरक्षा दीवार टूटने से क्षतिग्रस्त हो गया। पीड़ित ने लोनिवि से मुआवजे की मांग की, लेकिन नहीं मिला। इसके बाद पीड़ित ने दिसंबर 2012 को उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग में इसकी शिकायत की, जिस पर आयोग के सचिव ने जिला प्रशासन को 15 दिन में कार्रवाई करने के आदेश दिए। इस पर लोनिवि ने 21 जनवरी 2013 को क्षतिग्रस्त भवन का मूल्यांकन कर दो लाख 72 हजार का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा, लेकिन वह प्रस्ताव फाइलों में ही कैद होकर रह गया। ईई गौरव थपलियाल का कहना है कि क्षति का मूल्यांकन कर जिला प्रशासन को पूर्व में और दोबारा भेजा गया है। अब जिला प्रशासन से मुआवजा राशि दिए जाने की मांग की गई है। एसडीएम चतर सिंह चौहान का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। नियमानुसार लोनिवि को क्षतिपूर्ति का भुगतान करना चाहिए।
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चैतवालू तोक निवासी टुमीराम मिस्त्री का मकान 8 सितंबर 2010 को सड़क की सुरक्षा दीवार टूटने से क्षतिग्रस्त हो गया। पीड़ित ने लोनिवि से मुआवजे की मांग की, लेकिन नहीं मिला। इसके बाद पीड़ित ने दिसंबर 2012 को उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग में इसकी शिकायत की, जिस पर आयोग के सचिव ने जिला प्रशासन को 15 दिन में कार्रवाई करने के आदेश दिए। इस पर लोनिवि ने 21 जनवरी 2013 को क्षतिग्रस्त भवन का मूल्यांकन कर दो लाख 72 हजार का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा, लेकिन वह प्रस्ताव फाइलों में ही कैद होकर रह गया। ईई गौरव थपलियाल का कहना है कि क्षति का मूल्यांकन कर जिला प्रशासन को पूर्व में और दोबारा भेजा गया है। अब जिला प्रशासन से मुआवजा राशि दिए जाने की मांग की गई है। एसडीएम चतर सिंह चौहान का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। नियमानुसार लोनिवि को क्षतिपूर्ति का भुगतान करना चाहिए।
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