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डीएम ने राशन की दुकानों का निरीक्षण किया
Updated Mon, 15 Jan 2018 10:45 PM IST
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नई टिहरी। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से सरकारी राशन की कालाबाजारी की शिकायत पर डीएम सोनिका ने जिला मुख्यालय स्थित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में राशन वितरण के मामले में कई खामियां मिलीं। इस पर डीएम ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई।
जिला मुख्यालय स्थित सरकारी सस्ते गल्ले के निरीक्षण के दौरान डीएम ने राशन लेने के लिए लाइन में खड़ी महिलाओं से नवंबर-दिसंबर माह में राशन मिलने की बात पूछी तो महिलाओं ने हां कहा, लेकिन राशन कार्ड में इसका विवरण दर्ज ही नहीं था। इस पर डीएम ने राशन विक्रेता और डीएसओ को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने दो दुकानों के स्टॉक रजिस्टर और वितरण पंजिकाएं कब्जे में लेते हुए कहा कि जांच में खामियां मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्टॉक पंजिका में राशन कम दर्ज दिखाया गया था, जबकि दुकान के अंदर राशन के बोरों का ढेर जमा था। सूचना पट पर स्टॉक की जानकारी दर्ज नहीं मिली। कई विक्रेता पुराने तराजू से ही राशन तोलते पाए गए। डीएम ने कहा कि नियमानुसार सस्ते गल्ले की दुकान से अन्य सामग्री (राशन) आदि एक साथ नहीं बेचा जा सकता है। इस मौके पर डीएसओ दिनेश मुयाल मौजूद थे।
जिला मुख्यालय स्थित सरकारी सस्ते गल्ले के निरीक्षण के दौरान डीएम ने राशन लेने के लिए लाइन में खड़ी महिलाओं से नवंबर-दिसंबर माह में राशन मिलने की बात पूछी तो महिलाओं ने हां कहा, लेकिन राशन कार्ड में इसका विवरण दर्ज ही नहीं था। इस पर डीएम ने राशन विक्रेता और डीएसओ को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने दो दुकानों के स्टॉक रजिस्टर और वितरण पंजिकाएं कब्जे में लेते हुए कहा कि जांच में खामियां मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्टॉक पंजिका में राशन कम दर्ज दिखाया गया था, जबकि दुकान के अंदर राशन के बोरों का ढेर जमा था। सूचना पट पर स्टॉक की जानकारी दर्ज नहीं मिली। कई विक्रेता पुराने तराजू से ही राशन तोलते पाए गए। डीएम ने कहा कि नियमानुसार सस्ते गल्ले की दुकान से अन्य सामग्री (राशन) आदि एक साथ नहीं बेचा जा सकता है। इस मौके पर डीएसओ दिनेश मुयाल मौजूद थे।
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