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हनुमान मंदिर के पास भिलंगना नदी पर बना पुल हुआ जर्जर
Updated Tue, 12 Dec 2017 10:42 PM IST
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घनसाली (टिहरी)। चारधाम यात्रा मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास भिलंगना नदी पर बना पुल जर्जर हो गया है। जल्द ही पुल की मरम्मत नहीं की जाती है, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता है। खतरे को देखते हुए लोनिवि पुल की मरम्मत को लेकर लापरवाह बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने हादसा होने से पहले पुल की मरम्मत कराने की मांग की है।
भिलंगना ब्लॉक में चारधाम यात्रा के मुख्य मार्ग पर पड़ने वाला हनुमान मंदिर पुल जर्जर स्थिति में पहुंच गया है, जिससे मार्ग से केमर, बासर, आरगढ़, गोनगढ, बूढाकेदार, भिलंग और ढुगमंदार पट्टियों के सैकड़ों लोगों के साथ चारधाम यात्रियों को पुल से जोखिम उठाकर चलना पड़ रहा है। पुल की खस्ताहाल स्थिति को देखते हुए कुछ समय पहले लोनिवि ने भिलंगना नदी से पुल को सपोर्ट देने के लिए लोहे के एंगिल भी लगाए थे, जो तीन साल पहले नदी में आई बाढ़ की भेंट चढ़ गए। उसके बाद से अभी तक लोनिवि ने पुल की मरम्मत नहीं की है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य डा. नरेंद्र डंगवाल, धूम सिंह जखेड़ी, आनंद व्यास, धर्म सिंह बिष्ट, ध्यान सिंह, दिनेश लाल और भजन सिंह ने कहा कि लोनिवि किसी हादसे के इंतजार में हैं। विभाग को सब कुछ पता होने के बाद भी लापरवाही बरती जा रही है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोनिवि के ईई एनएल बर्मा ने कहा कि पूर्व में पुल मरम्मत के लिए आईआईटी रुड़की से पत्र व्यवहार किया गया, लेकिन वह अभी तक साइट देखने नहीं आए हैं। एक्सपर्ट के निरीक्षण करने के बाद ही शासन को आगणन भेजा जाएगा।
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भिलंगना ब्लॉक में चारधाम यात्रा के मुख्य मार्ग पर पड़ने वाला हनुमान मंदिर पुल जर्जर स्थिति में पहुंच गया है, जिससे मार्ग से केमर, बासर, आरगढ़, गोनगढ, बूढाकेदार, भिलंग और ढुगमंदार पट्टियों के सैकड़ों लोगों के साथ चारधाम यात्रियों को पुल से जोखिम उठाकर चलना पड़ रहा है। पुल की खस्ताहाल स्थिति को देखते हुए कुछ समय पहले लोनिवि ने भिलंगना नदी से पुल को सपोर्ट देने के लिए लोहे के एंगिल भी लगाए थे, जो तीन साल पहले नदी में आई बाढ़ की भेंट चढ़ गए। उसके बाद से अभी तक लोनिवि ने पुल की मरम्मत नहीं की है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य डा. नरेंद्र डंगवाल, धूम सिंह जखेड़ी, आनंद व्यास, धर्म सिंह बिष्ट, ध्यान सिंह, दिनेश लाल और भजन सिंह ने कहा कि लोनिवि किसी हादसे के इंतजार में हैं। विभाग को सब कुछ पता होने के बाद भी लापरवाही बरती जा रही है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोनिवि के ईई एनएल बर्मा ने कहा कि पूर्व में पुल मरम्मत के लिए आईआईटी रुड़की से पत्र व्यवहार किया गया, लेकिन वह अभी तक साइट देखने नहीं आए हैं। एक्सपर्ट के निरीक्षण करने के बाद ही शासन को आगणन भेजा जाएगा।
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