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कोठारगांव के 40 परिवारों पर भूस्खलन का खतरा
Updated Thu, 03 Aug 2017 10:34 PM IST
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घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक में कोठार गांव के ऊपर भूस्खलन होने से गांव के 40 परिवारों को खतरा पैदा हो गया है। भूधंसाव से ग्रामीणों की 20 नाली कृषि भूमि को भी नुकसान हुआ है।
भिलंग पट्टी के कोठार में बुधवार को तेज बारिश के कारण भूधंसाव शुरू हो गया था, जिससे खयाली गदेरे में भारी मलबे के साथ ही चीड़ के पेड़ भी गदेरे में फंस गए हैं। जिससे बरसात का पानी गांव की और मुड़ गया है। इससे गांव के 40 परिवार खतरे की जद में आ गए। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के ठीक ऊपर भूस्खलन के कारण पूरा गांव को खतरा पैदा हो गया है, जबकि खेतों में मलबा घुसने से उनकी फसल चौपट हो गई। इससे ग्रामीणों के सामने खेती-बाड़ी की समस्या पैदा हो गई। ग्रामीणों ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का ट्रीटमेंट करने और खेती को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। गांव के लाखीराम पैन्यूली, केशवानंद, इंद्रदेव, सुंदर सिंह, राजेंद्र प्रसाद, गुरु प्रसाद, केदार सिंह, विजय लाल, शिवराम, विनोद लाल ने बताया कि भूधंसाव से उनके भवनों को खतरा पैदा हो गया है। तहसीलदार यशवीर सिंह का कहना है कि पटवारी ने गांव का निरीक्षण करने के बाद बताया कि घरों और खेतों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। गदेरे में पानी बढ़ा है, लेकिन उससे कोई खतरा नहीं है।
भिलंग पट्टी के कोठार में बुधवार को तेज बारिश के कारण भूधंसाव शुरू हो गया था, जिससे खयाली गदेरे में भारी मलबे के साथ ही चीड़ के पेड़ भी गदेरे में फंस गए हैं। जिससे बरसात का पानी गांव की और मुड़ गया है। इससे गांव के 40 परिवार खतरे की जद में आ गए। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के ठीक ऊपर भूस्खलन के कारण पूरा गांव को खतरा पैदा हो गया है, जबकि खेतों में मलबा घुसने से उनकी फसल चौपट हो गई। इससे ग्रामीणों के सामने खेती-बाड़ी की समस्या पैदा हो गई। ग्रामीणों ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का ट्रीटमेंट करने और खेती को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। गांव के लाखीराम पैन्यूली, केशवानंद, इंद्रदेव, सुंदर सिंह, राजेंद्र प्रसाद, गुरु प्रसाद, केदार सिंह, विजय लाल, शिवराम, विनोद लाल ने बताया कि भूधंसाव से उनके भवनों को खतरा पैदा हो गया है। तहसीलदार यशवीर सिंह का कहना है कि पटवारी ने गांव का निरीक्षण करने के बाद बताया कि घरों और खेतों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। गदेरे में पानी बढ़ा है, लेकिन उससे कोई खतरा नहीं है।
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