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इस सत्र में सत्यों एवं जाजल में शुरू नहीं हों पाएंगे महाविद्यालय
Updated Wed, 19 Jul 2017 10:38 PM IST
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नई टिहरी। लंबे समय से सत्यों एवं जाजल में महाविद्यालय की राह ताक रहे छात्र-छात्राओं को इस बार भी अन्य स्थानों में उच्च शिक्षा के लिए जाना पड़ेगा। वर्तमान राज्य सरकार ने संसाधनों को हवाला देते हुए महाविद्यालयों के संचालन से हाथ खड़े कर दिए हैं।
जिले के जौनपुर ब्लाक के सत्यों और नरेंद्रनगर के जाजल के आसपास उच्च शिक्षा को महाविद्यालय न होने से छात्रों को मसूरी, देहरादून, नरेंद्रनगर, बादशाहीथौल का रुख करना पड़ता है। जनप्रतिनिधियों के लंबे समय से दोनों स्थानों पर महाविद्यालय खोलने की मांग को देखते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अक्तूबर-नवंबर में सत्यों, जाजल में राजकीय महाविद्यालय खोलने की स्वीकृति देते हुए शिक्षा सत्र 2017 से बीए की कक्षाएं शुरू करने का शासनादेश जारी किया था, लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन होने से महाविद्यालयों के संचालन पर रोक लग गई। जिला पंचायत सदस्य अखिलेश उनियाल का कहना है कि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए मसूरी, दून जाना पड़ता है।
कोट
टिहरी जिले के सत्यों एवं जाजल में महाविद्यालय स्वीकृत है, लेकिन इस सत्र में कक्षाएं शुरू नहीं हो पाएगी। सरकार ने संचालित किए जा रहे महाविद्यालयों से लेकर नए स्वीकृत महाविद्यालयों में सुविधाएं विकसित करने के बाद ही कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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-डा. बीएस मलकानी, निदेशक तकनीकी शिक्षा।
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जिले के जौनपुर ब्लाक के सत्यों और नरेंद्रनगर के जाजल के आसपास उच्च शिक्षा को महाविद्यालय न होने से छात्रों को मसूरी, देहरादून, नरेंद्रनगर, बादशाहीथौल का रुख करना पड़ता है। जनप्रतिनिधियों के लंबे समय से दोनों स्थानों पर महाविद्यालय खोलने की मांग को देखते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अक्तूबर-नवंबर में सत्यों, जाजल में राजकीय महाविद्यालय खोलने की स्वीकृति देते हुए शिक्षा सत्र 2017 से बीए की कक्षाएं शुरू करने का शासनादेश जारी किया था, लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन होने से महाविद्यालयों के संचालन पर रोक लग गई। जिला पंचायत सदस्य अखिलेश उनियाल का कहना है कि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए मसूरी, दून जाना पड़ता है।
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टिहरी जिले के सत्यों एवं जाजल में महाविद्यालय स्वीकृत है, लेकिन इस सत्र में कक्षाएं शुरू नहीं हो पाएगी। सरकार ने संचालित किए जा रहे महाविद्यालयों से लेकर नए स्वीकृत महाविद्यालयों में सुविधाएं विकसित करने के बाद ही कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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-डा. बीएस मलकानी, निदेशक तकनीकी शिक्षा।