फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Silence lies in the city of temples

भगवान मेरे घर को बचा लो

Tue, 02 Jul 2013 06:28 PM IST
रविंद्र थलवाल
रविंद्र थलवाल Updated Tue, 02 Jul 2013 06:28 PM IST
विज्ञापन
Silence lies in the city of temples
मंदिरों की नगरी उत्तरकाशी में भी अजीब खामोशी छाई हुई है। मंदिरों में पूजा-अर्चना तो हो रही है, लेकिन देशी-विदेशी यात्री नजर नहीं आ रहे।
विज्ञापन


बहुत सीमित संख्या में स्थानीय लोग जरूर मंदिरों में पहुंच रहे हैं, लेकिन रौनक तब भी गायब है। लोग सुख, समृद्धि और शांति की कामना के बजाय कुदरत के कहर से अपने घरों को सलामत रखने की मन्नतें मांग रहे हैं।

17 दिन पहले जो मंदिर यात्रियों से अटे रहते थे, वहां इन दिनों वीरानी छाई है। पुजारी श्रद्धालुओं की राह ताक रहे हैं। नगर में अब घंटे-घड़ियाल की आवाज भी कम सुनाई देती है।

विज्ञापन


मंदिरों की नगरी में पसरा सन्नाटा
मंगलवार सुबह जब मैं प्रसिद्ध विश्वनाथ मंदिर पहुंचा तो यहां सन्नाटा छा रखा था। मंदिर के पुजारी बाबा विश्वनाथ की पूजा में लीन थे। मैं भी दर्शन करके इसी मंदिर परिसर में विद्यमान शक्ति मंदिर पहुंचा। यहां इक्का-दुक्का श्रद्धालु शक्ति के त्रिशूल की परिक्रमा कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मैंने मंदिर के पुजारी मुरारीलाल भट्ट से पूछा कि आजकल कितने श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, तो उन्होंने बताया कि पहले के मुकाबले 5 से 10 प्रतिशत श्रद्धालु ही प्रतिदिन मंदिर में पहुंच रहे हैं। साथ ही कहा कि इतनी कम संख्या सन 1970 में देखने को मिलती थी।

कारण पूछा तो बताया कि उत्तराखंड में हुई जनहानि, भूमि हानि तथा भवन हानि ने श्रद्धालुओं को इतना दुखः दे दिया है कि वह मानसिक तनाव में आ गए हैं। इक्का-दुक्का स्थानीय श्रद्धालु मंदिर पहुंच भी रहे हैं, वह सिर्फ यही कामना कर रहे हैं कि भगवान इस बरसात में मेरे घर को सुरक्षित रखना।

इसके बाद मैं बाडाहाट स्थित कंडार देवता मंदिर में पहुंचा। यहां भी पूरा मंदिर परिसर खाली है। मंदिर के पुजारी श्रद्धालुओं की राह ताक रहे थे। 16 व 17 जून को आई आपदा से उत्तरकाशी के सभी मंदिरों के यही हाल है।


कभी सिर्फ घंटे-घड़ियाल की आवाज से भक्ति मय होने वाली उत्तरकाशी नगर में अब घंटे-घड़ियाल की आवाज भी कम ही सुनाई दे रही है। आपदा के चलते शहर में पसरे वीराने से स्थानीय व्यापारियों के चेहरे भी मुरझाए हुए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed