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पीएम को जनता का पत्र: सांसद का मुंह तो दिखा दो, कैसे दिखते हैं!
जीवन दानू
Updated Fri, 23 Aug 2013 01:10 AM IST
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आजादी के 66 साल बीतने के बाद भी अपने पहाड़ में गाहे बगाहे सुनाई देता है कि फलां इलाके में सांसद, विधायक के दर्शन ग्रामीणों को नसीब नहीं हुए हैं।
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जब कोई सांसद, विधायक इन इलाकों में पहुंचता है तो वह अखबारों की सुर्खियां बन जाता है।
उत्तराखंड में भैंसकोट के ग्रामीणों ने सांसद प्रदीप टम्टा की मुंह दिखाई के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
यह निश्चित रूप से देश का दुर्भाग्य कहा जाएगा कि सदियों से लोग अपना प्रतिनिधि संसद में भेज रहे हैं। जनता से मिले आशीर्वाद के चलते ही वे देश का नीति नियंता बनते हैं। उनका रहन-सहन ही नहीं बदलता बल्कि लाइफ बन जाती है।
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पिथौरागढ़ में नाचनी का भैंसकोट इलाका एक ऐसा ही क्षेत्र है, जो 21वीं सदी में अठारहवीं सदी से खराब हालात में है।
ग्रामीण विकास संघर्ष समिति भैंसकोट के अध्यक्ष केएस राठौर ने ग्रामीणों की ओर से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि इलाके के चामी भैंसकोट, मल्ला भैंसकोट, बासानी, गटघोरगाड़ी, बाथीगूंठ, तल्ला भैंसकोट, कोट्यूड़ा और बारातोली की 15 हजार आबादी को यातायात सुविधा देने के लिए सरकार ने राज्य बनने के बाद एक कच्चा हल्का वाहन मार्ग बनाया। पांच किमी लंबा यह मार्ग साल में बमुश्किल दो-तीन महीने खुला रहता है।
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पीएमजीएसवाई से सड़क स्वीकृत है, पर काम शुरू नहीं हुआ है। भैंसकोट क्षेत्र नाचनी से अधिक दूर भी नहीं है। सड़क मार्ग से 7 से 12 किमी के दायरे में गांव है पर इन गांवों के लोगों को आज तक अपने सांसद के दर्शन नहीं हुए।