हाईकमान की फटकार के बाद सतपाल महाराज बैकफुट पर
- निजी सचिव से प्रेसनोट जारी कर खेद व्यक्त कराया
- भगत सिंह कोश्यारी पर टिप्पणी करने का मामला
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भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी पर एक दिन पहले व्यंग्यात्मक लहजे में हमला बोलने वाले पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री सतपाल महाराज बृहस्पतिवार को बैकफुट पर आ गए हैं।
सूत्रों की माने तो भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इस मामले में महाराज पर नजर टेढ़ी की तो शाम को ही खबर पर खंडन के साथ खेद प्रकट कर दिया गया। सतपाल महाराज ने विगत दिवस भगत सिंह कोश्यारी पर व्यंग्यात्मक रूप से कमेंट किया था कि भगतदा पहले अपनी चेली विधायक को कांग्रेस से भाजपा में लाए तब मैं अपने समर्थक विधायकों को लेकर आऊंगा।
भगतदा ने तो इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन इतना जरूर कहा कि महाराज तो समरथ है। महाराज के इस बयान से भाजपा में बवाल मच गया।
केंद्र ने दी बयानबाजी से बचने की सलाह
सूत्रों की माने तो भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने महाराज को फटकार लगाई और इस तरह की बयानबाजी से बचने को कहा है। इतना होते ही महाराज बैकफुट पर आ गए और अपने निजी सचिव के हवाले से खंडन भी भिजवाया।
बृहस्पतिवार को महाराज के निजी सचिव ने जिस त्रुटि को लेकर खेद व्यक्त किया है, उसी प्रेसनोट पर अमर उजाला संवाददाता ने महाराज से बात की थी और उन्होंने भगतदा की चेली का नाम भी बताया था।
महाराज की तरफ से भेजी गई सफाई का मजमून
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री सतपाल महाराज के निजी सचिव विकास ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि विगत दिवस की खबर मेरी गलती से जारी हुई थी। न्यूज पोर्टल पर कोई खबर देखते हुए यह गलती से कट-पेस्ट हो गई और टाइपिंग की गलती की वजह से यह हुआ, इसके लिए मैं माफी मांगता हूं।