संघ बताएगा आपदा में कितने लापता
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पहाड़ पर आई जलप्रलय के कारण लापता हुए लोगों की संख्या बताने में प्रदेश सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) गुए हुए लोगों की खोजबीन करेगा। संघ के स्वयंसेवक देश के सभी जिलों में जाकर ‘मिसिंग’ लोगों की सूची तैयार करेंगे।
इस संबंध में संघ मुख्यालय से सभी प्रांत प्रचारकों को पत्र भेजा गया है। 12-13 जुलाई को नागपुर में होने वाली बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी। आरएसएस के सह सर कार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल ने आपदा में लापता लोगों की सही संख्या नहीं पता पाने पर 29 जून को चिंता जताई थी।
साथ ही यह इशारा भी किया था कि संघ के स्वयंसेवक इस कार्य को अंजाम देंगे। इस कार्ययोजना पर संघ ने काम शुरू कर दिया है। सभी प्रांत प्रचारकों को पत्र भेजकर कहा गया है कि वे जिला इकाइयों की बैठक बुलाएं। इसमें कार्ययोजना के संबंध में कार्यकर्ताओं को जानकारी देकर सक्रिय कर दें।
कार्ययोजना के मुताबिक देश के विभिन्न जनपदों के मोहल्लों में संघ के स्वयंसेवक जाकर पता लगाएंगे कि किस क्षेत्र से कितने लोग चारधाम यात्रा पर गए थे। उनमें से कितने वापस आए और कितने नहीं। प्रत्येक जिले के न लौटने वाले यात्रियों की फेहरिस्त प्रांत को भेजी जाएगी।
इसी तरह हर प्रांत लापता यात्रियों की फेहरिस्त मुख्यालय को भेजेेगा। इस आधार पर आपदा में देश भर के कुल ‘मिसिंग’ लोगों की संख्या निकाल ली जाएगी। सर संघ चालक मोहन भागवत की अध्यक्षता में 12-13 जुलाई को नागपुर में होने वाली बैठक में उत्तराखंड की आपदा में मिसिंग तीर्थयात्रियों के मुद्दे पर चर्चा होगी।
आइंदा ऐसा हादसा न होने पाए इस पर भी चिंतन किया जाएगा। प्रांत प्रचारक डा. हरीश ने बताया कि मिसिंग यात्रियों की संख्या पता करने के कार्य में थोड़ी देर जरूर लग सकती है, लेकिन इसे पूरा कर लिया जाएगा। संघ की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में आपदा से हुई क्षति का आकलन कर रही हैं।