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जाखधार देवशाल में अयुत महायज्ञ 17 से
ब्यूरो/अमर उजाला रुद्रप्रयाग
Updated Mon, 15 Feb 2016 10:25 PM IST
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केदारघाटी के अंतर्गत यक्षराज जाखराजा मंदिर जाखधार देवशाल में 17 फरवरी से 25 फरवरी तक नौ दिवसीय अयुत महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
12 वर्षों बाद हो रहे इस महायज्ञ को लेकर ईष्ट देव जाख राजा के चौदह गांवों के ग्रामीण और श्री जाख देवता मंदिर समिति की ओर से तैयारियां कर ली गई हैं। महायज्ञ में शामिल होने के लिए क्षेत्र से बाहर रह रहे लोगों और ध्याणियों को भी आमंत्रण भेज दिए गए हैं।
प्रतिवर्ष दो गते बैसाख को यहां भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें यक्षराज जाखराजा दो दिन से जलती लकड़ियों के अखाड़े (कुंड) में नंगे पांव प्रवेश कर नृत्य कर लोगों को सुख-समृद्धि का आशीष देते हैं।
श्री जाख देवता मंदिर समिति के अध्यक्ष रेवती नंदन देवशाली ने बताया कि सौ बार श्रीमद्भागवत का आयोजन करने के बराबर एक अयुत महायज्ञ का आयोजन होता है। क्षेत्र की खुशहाली और ईष्ट देव की प्राण प्रतिष्ठा के लिए यह महायज्ञ करवाया जाता है।
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12 वर्षों बाद हो रहे इस महायज्ञ को लेकर ईष्ट देव जाख राजा के चौदह गांवों के ग्रामीण और श्री जाख देवता मंदिर समिति की ओर से तैयारियां कर ली गई हैं। महायज्ञ में शामिल होने के लिए क्षेत्र से बाहर रह रहे लोगों और ध्याणियों को भी आमंत्रण भेज दिए गए हैं।
प्रतिवर्ष दो गते बैसाख को यहां भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें यक्षराज जाखराजा दो दिन से जलती लकड़ियों के अखाड़े (कुंड) में नंगे पांव प्रवेश कर नृत्य कर लोगों को सुख-समृद्धि का आशीष देते हैं।
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श्री जाख देवता मंदिर समिति के अध्यक्ष रेवती नंदन देवशाली ने बताया कि सौ बार श्रीमद्भागवत का आयोजन करने के बराबर एक अयुत महायज्ञ का आयोजन होता है। क्षेत्र की खुशहाली और ईष्ट देव की प्राण प्रतिष्ठा के लिए यह महायज्ञ करवाया जाता है।
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