फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   Young scientists become proficient in biotechnology

जैव प्रौद्योगिकी में दक्ष हुए युवा वैज्ञानिक

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2020 12:30 AM IST
विज्ञापन
Young scientists become proficient in biotechnology
प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद परिषद में निदेशक डॉ डीके सिंह के साथ छात्र- छात्राएं। - फोटो : RUDRAPUR
पंतनगर। प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के चयनित छात्रों ने जैव प्रौद्योगिकी के विभिन्न आयामों में अपना प्रशिक्षण परिषद के हल्दी मुख्यालय में पूरा किया। यह कार्यक्रम जनवरी से जून तक संचालित होता है, लेकिन कोविड-19 के चलते इस बार यह कार्यक्रम अक्तूबर में संपन्न हुआ।
विज्ञापन

उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद्, हल्दी में छह महीने के लिए संचालित लघु शोध कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश में जैव प्रौद्योगिकी शिक्षा, शोध व विकास को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम परिषद् के प्रशिक्षण, कौशल व दक्षता निर्माण प्रकोष्ठ की ओर से निदेशक डॉ. डीके सिंह के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। परिषद के वैज्ञानिक डॉ. सुमित पुरोहित, डॉ. कंचन कार्की और डॉ. मणिंद्र मोहन के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं ने अपना-अपना लघु शोध प्रशिक्षण पादप ऊतक संवर्धन, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी और पर्यावरणीय जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला में पूर्ण किया। छात्र-छात्राओं ने ऊतक संवर्धन, जेनेटिक इंजीनियरिंग, बायो इंफोमेटिक, हाइड्रोपोनिक्स, जल गुणवत्ता आदि से संबंधित आधुनिक विषयों पर शोध कार्य पूरा किया और अपने शोध प्रबंध भी परिषद में जमा किए। प्रशिक्षण में गुरु राम राय कॉलेज देहरादून, जैव प्रौद्योगिकी विभाग भीमताल, सूरजमल अग्रवाल कॉलेज किच्छा, देवस्थली विद्यापीठ लालपुर, एमआईटी गाजियाबाद व एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी के 15 पीजी विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण में परिषद के सभी वैज्ञानिकों और तकनीकी संवर्ग का विशेष योगदान रहा। संवाद
विज्ञापन

इनको मिले प्रमाणपत्र
प्रशिक्षण पूर्ण करने पर पूजा बथ्याल, सचिन दास, मोना किशोर, ललित दुम्का, नितिन कुमार, प्रीति पाठक, फरीदा, अनुजा सक्सेना, अफजल अंसारी, हिना मलिक, नेहा नेगी, भावना पाठक, रजत दयाल, प्रियंका यादव, रश्मि वधानी आदि को प्रमाण पत्र दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रत्येक वर्ष जनवरी से जून के मध्य परिषद् द्वारा लघु अवधि प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होता है। जैव प्रौद्योगिकी शिक्षा को शोध से जोड़ने का यह प्रयास है। प्रशिक्षुओं को जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित तकनीकों एवं बारीकियों से अवगत कराया जाता है। जो उनको भविष्य में उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करता है। - प्रो. डीके सिंह, निदेशक जैव प्रौद्योगिकी परिषद्, हल्दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed