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पति के लिये पत्नी ने अन्न तो मां ने छोड़ा घर
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रुद्रपुर। कांग्रेसी पार्षद अमित मिश्रा के अपहरण के बाद परिजन सदमे में आ गए थे। उसकी जान की परवाह कर रहे परिवार को अनहोनी का डर सता रहा था।
अमित की पत्नी संगीता ने बताया कि जब उसे पति के अपहरण की खबर मिली तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। मानसिक तनाव में आकर उसने खाना तक नहीं खाया। भूखे रहकर वह पति की सलामती की दुआ करती रही।
वहीं मां सविता ने बताया कि बेटे के अपहरण के बाद वह उसे छुड़ाने के लिए घर से बाहर ही रहीं। कभी रुपयों के इंतजाम लिए भटकी तो कभी बदमाशों को फिरौती की रकम देने के गाजियाबाद में घूमती रही। रविवार की दोपहर अमित के घर पहुंचने पर परिजन खुशी से अपने आंसू नहीं रोक पाए।
लूट के मोबाइल से किया कॉल, अमित को खिलाई नशे की दवा
रुद्रपुर। बदमाशों ने पार्षद अमित मिश्रा को अगवा करने के बाद फिरौती मांगने के लिए जिस मोबाइल का प्रयोग किया वह लूट का निकला। इसका खुलासा अमित ने पुलिस के सामने किया। उसने बताया कि बदमाशों ने अपहरण के बाद से ही उसे नशे की दवा खिलानी शुरू कर दी। होश आने पर उसकी बात परिजनों से कराकर फिरौती मांगने का दबाव बनाया जाता था। उसे बंद कमरे में रखकर जमकर पीटा भी जाता था।
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मंकी टोपी पहनी, मगर नहीं दिखाया चेहरा
रुद्रपुर। अमित के अपहरण में शामिल बदमाश बेहद प्रोफेशनल थे। यही वजह रही कि उन्होंने अपहरण के दौरान अपना चेहरा अमित को नहीं दिखाया। जब भी अमित को खाना दिया गया, बदमाश अपने चेहरे में नकाब डाले रहे। बदमाशों के चंगुल से छूटने के बाद अमित के चेहरे पर खौफ साफ दिखाई दिया। मारपीट में उसे काफी चोटें भी आईं।
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अमित की पत्नी संगीता ने बताया कि जब उसे पति के अपहरण की खबर मिली तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। मानसिक तनाव में आकर उसने खाना तक नहीं खाया। भूखे रहकर वह पति की सलामती की दुआ करती रही।
वहीं मां सविता ने बताया कि बेटे के अपहरण के बाद वह उसे छुड़ाने के लिए घर से बाहर ही रहीं। कभी रुपयों के इंतजाम लिए भटकी तो कभी बदमाशों को फिरौती की रकम देने के गाजियाबाद में घूमती रही। रविवार की दोपहर अमित के घर पहुंचने पर परिजन खुशी से अपने आंसू नहीं रोक पाए।
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लूट के मोबाइल से किया कॉल, अमित को खिलाई नशे की दवा
रुद्रपुर। बदमाशों ने पार्षद अमित मिश्रा को अगवा करने के बाद फिरौती मांगने के लिए जिस मोबाइल का प्रयोग किया वह लूट का निकला। इसका खुलासा अमित ने पुलिस के सामने किया। उसने बताया कि बदमाशों ने अपहरण के बाद से ही उसे नशे की दवा खिलानी शुरू कर दी। होश आने पर उसकी बात परिजनों से कराकर फिरौती मांगने का दबाव बनाया जाता था। उसे बंद कमरे में रखकर जमकर पीटा भी जाता था।
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मंकी टोपी पहनी, मगर नहीं दिखाया चेहरा
रुद्रपुर। अमित के अपहरण में शामिल बदमाश बेहद प्रोफेशनल थे। यही वजह रही कि उन्होंने अपहरण के दौरान अपना चेहरा अमित को नहीं दिखाया। जब भी अमित को खाना दिया गया, बदमाश अपने चेहरे में नकाब डाले रहे। बदमाशों के चंगुल से छूटने के बाद अमित के चेहरे पर खौफ साफ दिखाई दिया। मारपीट में उसे काफी चोटें भी आईं।