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सरकारी रहे फिसड्डी, निजी स्कूलों ने मारी बाजी
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Thu, 26 May 2016 10:09 PM IST
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उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में जिले में सरकारी स्कूलों की स्थिति काफी कमजोर रही है। स्थिति यह है कि हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की प्रदेश की मेरिट सूची में भले ही जिले के 15 छात्र-छात्राएं स्थान बनाने में कामयाब रहे हों, लेकिन इनमें सरकारी स्कूलों के महज चार बच्चे ही हैं।
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तमाम कोशिशों के बाद भी सरकारी शिक्षा की बदहाल स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। वर्षों से जीआईसी व जीजीआईसी रुद्रप्रयाग व अगस्त्यमुनि के अलावा अधिकांश विद्यालय के छात्र मेरिट सूची में स्थान नहीं बना पाए। जिले में इस वर्ष हाईस्कूल की मेरिट में आने वाले 11 छात्र-छात्राओं में 9 निजी स्कूलों के हैं। जीआईसी ऊखीमठ से हाईस्कूल में धवल बिष्ट और जीआईसी कांडई से सूरज के साथ ही इंटर में जीआईसी गुप्तकाशी की अंजली और जीआईसी चोपड़ा की शिवानी ही सरकारी स्कूलों की लाज बचा पाई।
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इस वर्ष सबसे अधिक रहे मेरिट में
रुद्रप्रयाग। इस वर्ष मेरिट सूची में रुद्रप्रयाग जनपद के सबसे अधिक छात्र-छात्राओं ने अपना नाम दर्ज कराया है। आंकडा़ें को देखें तो वर्ष 2012 में 10, 2013 में 11, 2014 में 4 और 2015 में 12 और वर्तमान में 15 बच्चे मेरिट में आए। जबकि 2003 में जीआईसी गुप्तकाशी के अरुण राणा और 2013 में विद्या मंदिर बेलणी के छात्र नवदीप त्रिवेदी ने इंटर में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था। 2009 में छात्रा वर्ग में जीआईसी रुद्रप्रयाग की छात्रा शिखा भट्ट मेरिट में प्रथम स्थान पर रह चुकी है।
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जनपद का हाईस्कूल व इंटर का परीक्षाफल 80 प्रतिशत से अधिक है। सरकारी स्कूलों में मेरिट में अधिक बच्चों के शामिल होने की उम्मीद थी। हाईस्कूल व इंटर में दो-दो बच्चे शामिल हुए हैं, जो बधाई के पात्र हैं।
- सुभाष चंद्र भट्ट, सीईओ रुद्रप्रयाग