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अब आंधी-तूफान ने डराया, एक की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Mon, 23 May 2016 08:43 PM IST
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अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हुई गौंडार गांव की लघु जल विद्युत परियोजना की पाइप लाइन। चट्टान टूटने से इस तरह से पिचके हुए पाइप।
- फोटो : Amar Ujala
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पहले जंगलों की आग ने डराया। अब आंधी और तूफान से दहशत फैल गई है। उत्तरकाशी जिले के अठाली में निर्माणाधीन मोटर पुल ढह गया। कई घरों की छतें उड़ गई। सैकड़ों पेड़ आंधी से धराशायी हो गए। जबकि चारधाम यात्रा मार्गों पर जगह-जगह मलबा आने से यातायात बाधित हो गया है।
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उत्तरकाशी में पेड़ों के गिरने से चार लोग घायल हो गए। केदारनाथ पैदल रास्ते पर मनकुटिया के समीप भी पत्थर की चपेट में आकर एक यात्री घायल हुआ है। जबकि टिहरी जिले के पटुड़ी गांव में पेड़ की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। सोमवार दोपहर करीब ढाई से पौने तीन बजे के बीच चले तेज अंधड़ ने तबाही मचा दी। जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट के निकट एक पेड़ गिरने से एक मोटर साइकिल और एक कार क्षतिग्रस्त हो गई।
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गंगोरी में हवा से गिरा पेड़ प्रेम सिंह के मकान की दीवार तोड़ भीतर जा घुसा। पास ही गो धाम, सत्य प्रसाद पैन्यूली और भगत सिंह चौहान की गोशाला भी पेड़ों के गिरने से क्षतिग्रस्त हो गईं। भंकोली गांव में भरोसा और देवराम के मकान की टीन की छत उड़ गई।
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गुफियारा में माधव भट्ट के मकान पर भी पेड़ आ गिरा। भंकोली, गंगोरी गरम पानी और चिन्यालीसौड़ के जोगत तल्ला गांव के बेसिक स्कूल की छत आंधी में उड़ गईं। कंकराड़ी गांव में दलवीर चौहान के दो पॉलीहाउस एवं गोशाला क्षतिग्रस्त हो गई। जिले में जगह-जगह दर्जनों मकानों की टीन की छतें उड़ गईं। पिलंग गांव में भी छह मकानों की छतें उड़ गईं।
तूफान की जद में आकर चार घायल
गणेशपुर में तूफान से उखड़ा पेड़ एक टीन शेड पर गिरने से बीआरओ का मजदूर बुद्धिमाया गंभीर रूप से घायल हो गया। इसी टीन शेड के भीतर एक महिला को भी चोटें आई। जबकि कंप्यूटर प्रशिक्षण के लिए जा रहा नागेश नौटियाल भी हवा से गिरे पेड़ की चपेट में आने से घायल हो गया। घायलों को उपचार के लिए 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। उधर भंकोली गांव में खेत में काम कर रही शांता देवी तूफान में उड़कर गिरने से घायल हो गई।
फलों को पहुंचा भारी नुकसान
रविवार और सोमवार को जिले में चली तेज आंधी फलदार वृक्षों पर भारी पड़ी। जिले में आम, खुमानी, चुल्लू, आड़ू आदि फल फसलें पूरी तरह तबाह हो गईं। फिलहाल हर्षिल एवं स्योरी फल पट्टी क्षेत्र में तेज हवाओं का प्रकोप न होने से सेब की फसल सुरक्षित है।
निर्माणाधीन मोटर पुल का ढांचा ढहा
चक्रवात की तरह चले तूफान से अठाली में निर्माणाधीन मोटर प का ढांचा उड़ कर नदी में गिर गया। भारी भरकम पुल धराशायी होने के पीछे जहां ठेकेदार तूफान की तीव्रता को जिम्मेदार मान रहे हैं, वहीं कई लोग गुणवत्ता एवं तकनीकी चूक का आरोप लगा रहे हैं।
बता दें कि एनबीसीसी द्वारा बनाए जा रहे इस पुल का निर्माण अंतिम चरण में था। 330 टन वजनी गार्डर पुल का ढांचा रस्सों और क्लिप के सहारे खड़ा किया जा चुका था। कुछ ही दिनों में इसे बैरिंग पर बैठाकर इस पर स्लैब डालने का कार्य शेष था।
बता दें कि पूर्व में एनबीसीसी द्वारा असी गंगा घाटी में डिगिला में बनाया जा रहा वैली ब्रिज भी निर्माण के अंतिम चरण में धराशायी हुआ था। उसमें एक मजदूर की मौत हो गई थी। तब प्रशासन ने एनबीसीसी के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, हालांकि अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अठाली में मोटर पुल निर्माण के दौरान हुए हादसे में भी एक मजदूर की मौत हुई थी।
कुछ देर के लिए प्रभावित हुई यात्रा
सोमवार दोपहर बाद चले तूफान से यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम की यात्रा भी प्रभावित हुई। तूफान में भारी संख्या में पेड़ गिरने पर पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह यात्रा को रोक दिया। हालांकि गिरे हुए पेड़ों का हटवाकर जल्द ही यातायात बहाल कर लिया गया। तूफान के दौरान तीर्थयात्रियों में भी दहशत का माहौल रहा।
हालांकि तूफान थमने के बाद मौसम खुशगवार होने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली। पुरोला-मोरी, महिडांडा, बड़ेथी-तेखला, गंगोरी-संगमचट्टी आदि कुछ अन्य सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बंद है। तूफान से बिजली की लाइनें और खंबे क्षतिग्रस्त होने से जिले भर में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। बीएसएनएल की दूरसंचार सेवाएं तो सुबह से ही ठप हैं।
तूफान से जिले में जगह-जगह भारी नुकसान हुआ है। डीएम को शीघ्र क्षति का आंकलन कराकर पीड़ित परिवारों को मुआवजा वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। अठाली में पुल गिरने के कारणों की जांच करायी जाएगी। गड़बड़ी पायी गई तो विभाग और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी जाएगी। मैं स्वयं शीघ्र तूफान प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करूंगा।
- विजयपाल सजवाण, विधायक गंगोत्री क्षेत्र।
तूफान से गिरे पेड़ की चपेट में आने से एक की मौत
घनसाली/कंडीसौड़/लंबगांव। सोमवार शाम चले तेज तूफान से जिलेभर में काफी नुकसान हुआ है। पटुड़ी गांव में पेड़ की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। घनसाली में पहाड़ी से पेड़ टूटने से दो कार और एक निर्माणाधीन भवन क्षतिग्रस्त हो गया। बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों की बत्ती गुल हो गई। कंडीसौड़ में झील किनारे रेत उड़ने से वहां दोपहर में ही धूंध छा गई। वहीं जिला मुख्यालय में देर शाम हल्की बूंदाबांदी हुई।
जाखणीधार ब्लॉक के ग्राम पटुड़ी (धारकोट) के प्रेम सिंह (65) पुत्र श्याम सिंह खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक तूफान आ गया। वे तूफान से बचने के लिए घर भाग रहे थे कि तभी उनके ऊपर एक पेड़ गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं घनसाली में पुरानी तहसील के पास पेड़ गिरने से सूरत सिंह सजवाण का निर्माणाधीन मकान और सड़क पर खड़ी दो कारें क्षतिग्रस्त हो गई। कंडीसौड़ में झील किनारे इतनी रेत उड़ी कि वहां दिन में ही अंधेरा छा गया। भिलंगना, लंबगांव और थौलधार के जंगलों में सैकड़ों पेड़ टूट गए।
बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों की बिजली गुल हो गई। निगम अधिकारियों का कहना है कि लाइन ठीक करने में दो से तीन दिन लग सकते हैं। कई लोगों के घरों से लोहे की चादरें, पत्थर की स्लेट उड़ गई।
बिजली के पोल गिरी, आपूर्ति ठप
रुद्रप्रयाग/जखोली। जखोली ब्लाक में खलियाण गांव में बलवीर रावत और शूरवीर रावत के आवासीय मकान की छत उड़ गई। घर में रखे कपड़े, राशन व अन्य सामग्री को क्षति पहुंची है। गांव के पथ्यालाल की गोशाला को भी क्षति पहुंची है। त्यूंखर गांव में उम्मेद सिंह, उत्तम सिंह, प्रह्लाद सिंह, संपूर्ण सिंह, शूरवीर सिंह के आवासीय मकानों की छतें उड़ गई है। ग्रामीणों ने बमुश्किल अपनी जान बचाई है। गांव में बिजली के 10 से अधिक पोल ढहने सप्लाई ठप हो गई है।
लौंगा गांव में भी सैकड़ों पेड़ों के ढहने की सूचना है। इधर, रुद्रप्रयाग के नरकोटा और खांकरा में भी तेज अंधड़ से कई दुकानों को क्षति पहुंची है। पट्टी बच्छणस्यूं और धनपुर क्षेत्र में आंधी-तूफान से नुकसान की सूचना है।
दर्जनों पेड़ों के उखड़ने से यातायात ठप
रुद्रप्रयाग। मयाली-तिलवाड़ा मार्ग पर पय्याताल के निकट कई पेड़ गिरने से मार्ग बंद हो गया है। यहां दोनों तरफ से वाहनों की लाइन लग गई है। मूसलाधार बारिश से ऊखीमठ-गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद हो गया है। मार्ग पर कई स्थानों पर भारी पेड़ उखड़ गए हैं। कुंड से ऊखीमठ तक राजमार्ग कई स्थानों पर बाधित हो गया है। डुंगर के पास एनएच का वाहन भी फंस गया है। राजमार्ग पर ताला के समीप एक लॉज को क्षति पहुंचने की सूचना है।
108 वाहन के ऊपर गिरा पेड़
श्रीनगर। सोमवार को दोपहर बाद अचानक धूल भरी तेज हवाएं चलने लगी। देखते ही देखते कोतवाली, बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जंगलों में पेड़ों टहनियां टूटने लगी। कोतवाली में बरगद के पेड़ के भारी भरकम टहनी यहां खड़े 108 वाहन इमरजेंसी वाहन के ऊपर गिर पड़ी। श्रीनगर-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर अपर भक्तियाना में भी एक छोटा वाहन टहनी के नीचे दब गया। श्रीनगर बाजार में दो-तीन घरों की टिन की छत उड़ गई।
देवप्रयाग में कई घरों की टिन की छत और पानी की टंकी हवा में उड़ गई। पेड़ों के गिरने के कारण कुछ देर तक यातायात प्रभावित रहा। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता एसके सहगल ने बताया कि जगह-जगह विद्युत तार और पोल टूट गए हैं। मंगलवार तक इनकी मरम्मत कर दी जाएगी। वहीं पिटकुल के अधिशासी अभियंता ज्योर्ति रावत ने बताया कि ग्रिड फेल होने से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है।
झमाझम बारिश ने जेठ में दिलाया सावन का अहसास
कोटद्वार। सोमवार शाम को मौसम ने अचानक करवट बदली और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश ने लगों को जेठ के महीने में सावन का अहसास करा दिया। करीब एक घंटे तक हुई बारिश ने पारा गिरा दिया, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। सोमवार सुबह आसमान में छाए हल्के बादलों ने लोगों का स्वागत किया।
दिन भर सूर्यदेव और बादलों के बीच लुका-छिपी का खेल चलता रहा। शाम बरीब पांच बजे अचानक आसमान में काले घने बादल छा गए कुछ देर बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे हुई बारीश के बीच युवाओं ने बारिश का आंनद उठाया, बाजार आए कई लोग भीग गए तो कई लोगों ने बारिश से बचने के लिए छाता का सहारा लिया। बारिश से तापमान में आई गिरावट से लोगों ने राहत की सांस ली।
पौड़ी में हुई बूंदाबांदी, मिली राहत
पौड़ी। काफी दिनों से जंगलों में लगी आग के कारण बढ़े तापमान से लोग परेशान थे। मुख्यालय व आसपास के क्षेत्रों में सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद मौसम सुहावना हो गया। हालांकि पौड़ी में सुबह दस बजे के बाद से दोपहर तक तेज धूप रही। दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। शाम करीब साढ़े पांच बजे बूंदाबांदी हुई।
बारिश और आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त
घाट/चमोली। बारिश और आंधी से चमोली जनपद में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। घाट क्षेत्र के ग्राम पंचायत उस्तोली, सरपाणी, सैंती, आली, लाखी, भैंटी, बंगाली और घाट ब्लॉक मुख्यालय पर शाम चार बजे करीब पच्चीस मिनट तक धूलभरी आंधी चली। इससे दर्जनों आवासीय मकानों और गोशालाओं की छत उड़ गई।
आंधी के दौरान ग्रामीणों ने जैसे-तैसे अपनी जान बचाई। शाम साढ़े चार बजे आंधी थमने के तुरंत बाद क्षेत्र में तेज बारिश शुरू हुई। अपराह्न ढाई बजे मंडल घाटी से गरज के साथ तेज बारिश शुरू हुई। बारिश शुरू होते ही जिले में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। बारिश से जहां तापमान में गिरावट आई है, वहीं तेज बारिश से लोग सहमे रहे।
मलबा आने से अवरुद्घ रहा हाईवे
चमोली। सोमवार को दोपहर बाद हुई तेज बारिश से अपराह्न तीन बजे बदरीनाथ हाईवे चमोली कस्बे के समीप और बिरही में अवरुद्ध हो गया। बाद में शाम पांच बजे यातायात बहाल हो पाया। बारिश से बदरीनाथ हाईवे चमोली बाजार से भीमतला तक खतरनाक हो गया है। यहां हाईवे पर इन दिनों चौड़ीकरण कार्य चल रहा है। हाईवे अवरुद्ध होने से बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जा रहे यात्रा वाहनों के पहिये दो घंटे तक थमे रहे। हाईवे के अवरुद्ध होते ही पुलिस की ओर से यात्रा वाहनों को चमोली कस्बे और पीपलकोटी में रोक लिया गया था।