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नजूल नीति के माध्यम से हजारों परिवारों को मिले मालिकाना हक
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ेहरादून में शहरी विकास सचिव से वार्ता करते विधायक ठुकराल।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। विधायक राजकुमार ठुकराल ने सचिव शहरी विकास एवं आवास नितेश झा से मुलाकात कर रुद्रपुर सहित विभिन्न शहरों में नजूल भूमि के संबंध में वार्ता कर ज्ञापन सौंपा। कहा कि रुद्रपुर में हजारों उपेक्षित परिवार पिछले 40 वर्षों से नजूल भूमि पर निवास कर रहे हैं।
इसमें पूर्व की सरकारों द्वारा बनाई गई नजूल नीति के अनुरूप कई परिवार सरकार को राजस्व देकर जमीन की रजिस्ट्री फ्रीहोल्ड आदि भी करवा चुके हैं। लेकिन हाईकोर्ट द्वारा सरकार की नजूल नीति को खारिज कर देने के बाद रुद्रपुर के हजारों परिवारों पर संकट के बादल गहरा चुके हैं।
बता दें कि रुद्रपुर की नजूल भूमि पर दर्जनों मलिन बस्तियों का विस्तार हो चुका है। यहां सरकारी योजनाओं से करोड़ों अरबों रुपये के विकास के कार्य हो चुके हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि उत्तराखंड सरकार उच्चतम न्यायालय में अनुज्ञा याचिका (एसएलपी) के साथ ही इससे संदर्भित एक प्रार्थना पत्र इस आशय से दाखिल करे ताकि उत्तराखंड सरकार को नजूल नीति बनाए जाने की अनुमति सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त हो सके। सचिव नितेश झा ने बताया कि दिल्ली सहित अन्य राज्यों द्वारा जिस तरह से मलिन बस्तियों के लिए नीतियां बनाई गई हैं, उनका अध्ययन किया जा रहा है।
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इसमें पूर्व की सरकारों द्वारा बनाई गई नजूल नीति के अनुरूप कई परिवार सरकार को राजस्व देकर जमीन की रजिस्ट्री फ्रीहोल्ड आदि भी करवा चुके हैं। लेकिन हाईकोर्ट द्वारा सरकार की नजूल नीति को खारिज कर देने के बाद रुद्रपुर के हजारों परिवारों पर संकट के बादल गहरा चुके हैं।
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बता दें कि रुद्रपुर की नजूल भूमि पर दर्जनों मलिन बस्तियों का विस्तार हो चुका है। यहां सरकारी योजनाओं से करोड़ों अरबों रुपये के विकास के कार्य हो चुके हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि उत्तराखंड सरकार उच्चतम न्यायालय में अनुज्ञा याचिका (एसएलपी) के साथ ही इससे संदर्भित एक प्रार्थना पत्र इस आशय से दाखिल करे ताकि उत्तराखंड सरकार को नजूल नीति बनाए जाने की अनुमति सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त हो सके। सचिव नितेश झा ने बताया कि दिल्ली सहित अन्य राज्यों द्वारा जिस तरह से मलिन बस्तियों के लिए नीतियां बनाई गई हैं, उनका अध्ययन किया जा रहा है।
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