फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   there is no recession, India Is Growing faster

मंदी नहीं, तेज गति से दौड़ रहा है देश

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 29 Sep 2019 01:36 AM IST
विज्ञापन
there is no recession, India Is Growing faster
रुद्रपुर में आयोजित समृद्धि संवाद कार्यक्रम में मौजूद कारोबारी व विशेषज्ञ। - फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री एवं सर्राफा कारोबार में जिस तरह मंदी का हौवा फैलाया जा रहा है, उस तरह की कोई मंदी नहीं है। इसे महज बाजार की सतत प्रक्रिया में आने वाला महज स्लो डाउन का कहा जा सकता है। नवरात्र और दीपावली पर एक बार फिर बाजार के चमकने की संभावना है। अमर उजाला की ओर से शनिवार को रुद्रपुर के गुलाब रेस्टोरेंट के मीटिंग हॉल में आयोजित समृद्धि संवाद में अर्थशास्त्र एवं बैंकिंग के विशेषज्ञों के साथ ही सर्राफा एवं ऑटोमोबाइल क्षेत्र के कारोबारियों ने यह बातें कहीं।
विज्ञापन

वक्ताओं ने कहा कि बाजार में समय-समय पर स्लो डाउन आता रहता है लेकिन इसकी अवधि ज्यादा नहीं होती है। इसे मंदी का नाम देकर देश में हौवा नहीं फैलाया जाना चाहिए। विशेषज्ञों ने कहा कि भारत आर्थिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। लेकिन सकारात्मक बदलाव इतनी तेजी से हो रहे हैं कि हम उनके साथ तालमेल बिठाने में सहज नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में पिछले कुछ वर्षों मेें कालेधन का इस्तेमाल बहुत कम हो गया है। संभवत: इससे कुछ लोगों के स्वार्थ प्रभावित हों लेकिन आम जनता को जल्द ही देश में इसके सकारात्मक परिणाम नजर आएंगे। कारोबारियों ने कहा कि ऑटोमोबाइल कारोबार में डिमांड थोड़ी कम जरूर हुई है लेकिन इसकी वजह मंदी नहीं बल्कि ग्राहकों का बदलता टेस्ट है। आज देश का युवा वर्ग देश-दुनिया घूम रहा है, वह देश-दुनिया में वाहनों के अत्याधुनिक और आधुनिक मॉडल देख रहे हैं। जिस कारण उनकी पसंद में भी तेजी से बदलाव आ रहा है। ऑटोमोबाइल कारोबारी वाहनों की बिक्री में छूट भी दे रहे हैं। कारोबारियों ने नवरात्र और दीपावली पर्व ऑटोमोबाइल और सरार्फा कारोबार में बूम आने की उम्मीद व्यक्त की है।
विज्ञापन

वर्तमान सरकार की गति बेहद तेज और बिजनेस सपोर्टिंग है। अब अर्थव्यवस्था में कालेधन का इस्तेमाल न हो पाने से कुछ लोगों को दिक्कतें आ रही हैं, जो इसे मंदी का नाम देकर दुष्प्रचारित कर रहे हैं। अब तक स्विस बैंक, रियल स्टेट और सोने के कारोबार में सबसे ज्यादा कालेधन का इस्तेमाल हो रहा था, जो कि धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। भारत आर्थिक स्तर पर एक तरह के बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है और जल्द ही इसके अच्छे परिणाम नजर आएंगे। - डॉ. आरके पांडेय, विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र, रुद्रपुर पीजी कॉलेज।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिस तरह की मंदी का माहौल बताया जा रहा है, वैसा कुछ भी नहीं है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार वाहन बिक्री में 25 प्रतिशत ग्रोथ हुई है। कुछ कारोबारों में थोड़ा-बहुत असर हो सकता है लेकिन यह सिर्फ एक तरह का स्लो डाउन है। बाजार में उतार-चढ़ाव तो आते ही रहते हैं। इससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। जल्द ही बाजार में बूम आएगा। - तारिक, कुमार ऑटो व्हील्स।
--
अत्यधिक उत्पादन के कारण ऑटोमोबाइल कारोबार में कुछ वाहनों को बिकने में दिक्कतें आ रही हैं लेकिन वाहन लगातार बुक हो रहे हैं। बाजार में लगातार नये मॉडल के वाहन आ रहे हैं। भारत में युवा वर्ग करीब 40 प्रतिशत है। वाहनों के नये मॉडल को लेकर युवा वर्ग अब ज्यादा जानकारी रखता है। ऐसे में कई बार पुराने वाहन बिक नहीं पाते हैं लेकिन इसे मंदी नहीं कह सकते। - विपिन पांडे, कुमार ऑटो व्हील्स।
सर्राफा कारोबार में मंदी नजर नहीं आ रही है। जिन लोगों को जरूरत है वह लगातार आभूषण खरीद रहे हैं। दरअसल, सर्राफा बाजार में प्रतिस्पर्धा अधिक है। सरकार को सर्राफा कारोबार के लिए एक स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। साथ ही देश में टैक्स दाताओं की संख्या भी बढ़नी चाहिए। यदि सभी व्यापारी वर्ग और अन्य लोग सरकार को टैक्स देते रहेंगे तो मंदी जैसे हालात पैैदा ही नहीं होने देंगे। - विक्रम अग्रवाल, स्वास्तिक ज्वैलर्स।
--
कई बार कारोबारी अपने उत्पाद का जरूरत से ज्यादा स्टॉक कर लेता है, जो बाद में बिक नहीं पाता है। डिमांड कम होने पर उत्पाद के मूल्य गिराने पड़ते हैं। इस तरह की स्थिति से बचना चाहिए। भारत में अभी सिर्फ चार प्रतिशत लोग ही ईमानदारी से टैक्स जमा करते हैं। शेष लोग टैक्स न चुकाकर देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं। इसका भार भी टैक्स जमा करने वाले वर्ग पर ही पड़ता है। - आयुष अग्रवाल, कॉन्सेप्ट इंजीनियर्स।
--
मंदी का भ्रम फैलाया जा रहा है। ऑटोमोबाइल कारोबार में फिलहाल मंदी नहीं है। हालांकि थोड़ा-बहुत कारोबार प्रभावित हो रहा है, जिससे जल्द उभरने की उम्मीद है। सरकार को बैटरी से चलने वाले वाहनों के कारोबारियों से ट्रांजेक्शन शुल्क नहीं लेना चाहिए। साथ ही बैंकों को भी व्यापारियों के कम ब्याज पर ऋण आदि की व्यवस्था करनी चाहिए। - विनोद कुमार, संजय टीवीएस।
--
कुछ लोग अपने स्वार्थों के लिए देश में मंदी का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इस खेल में अधिकारी वर्ग की बड़ी भूमिका है। अधिकारी अपने स्वार्थों के लिए विभागों के साथ जनता के बीच मंदी का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। भारत सरकार देश में आर्थिक सुधारों और आम जनता के लिए हित में काम कर रही है। भविष्य में इसके अच्छे परिणाम आएंगे। - राजेश बंसल, जिला अध्यक्ष, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल।
--
देश में मंदी का हौवा फैलाया जा रहा है। हालांकि विभिन्न शुल्कों में बढ़ोतरी से आम जनता के लिए मकान बनाना करीब डेढ़ गुना महंगा हो गया है। सरकारी मशीनरी भ्रष्ट है। वह आम जनता से सुविधा शुल्क के नाम पर अवैध वसूली कर रही है। सरकार को चाहिए वह सिंगल विंडो सिस्टम कर दे ताकि एक कार्य के लिए विभिन्न विभागों से एनओसी न लेनी पड़े। - जगदीश बिष्ट, एमडी, फैलकॉन इन्फ्रा सॉल्यूशन।
--
देश में अभी भी सभी व्यापारी जीएसटी जमा नहीं कर रहे हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। सरकार देश को एक सिस्टम में लाने के लिए प्रयास कर रही है। इसमें कुछ लोग असहज हो सकते हैं लेकिन भविष्य में इसके सकारात्मक परिणाम नजर आएंगे। रिजर्व बैंक की ओर से बैंकों को 70 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। बैंक भी कारोबारियों के लिए कई ऋण उपलब्ध करा रहे हैं। लोन मेलों का आयोजन किया जा रहा है। देश में मंदी नहीं है। - अजमेर सिंह, भारतीय स्टेट बैंक।
--
पिछले कुछ समय से सर्राफा कारोबार में सिर्फ वास्तविक कारोबारी रह गए हैं। अब तक जो कारोबारी बगैर लाइसेंस के काम कर रहे थे, उनकी संख्या घट रही है। अभी भी लोग लगातार आभूषण खरीद रहे हैं। सहालग के सीजन में आभूषणों की खूब बिक्री हुई। दीपावली में सर्राफा बाजार में बूम आने की संभावना है। सर्राफा बाजार में किसी प्रकार की मंदी नजर नहीं आ रही है। - निशांत ढल्ला, स्वामी ढल्ला ज्वैलर्स।
--
कारोबार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही हैं। कई ब्रांड के साथ ही ऑनलाइन कारोबार का बाजार भी बढ़ गया है। इसका असर कारोबार पर पड़ रहा है। लेकिन अधिकांश ग्राहक गुणवत्ता से समझौता नहीं करते हैं। शोरूमों में खरीदारी बढ़ रही है। त्योहारी सीजन में लोग खूब आभूषण खरीद रहे हैं। ऑटोमोबाइल के कारोबार भी किसी प्रकार से प्रभावित नहीं है। - चिराग ढींगरा, गुरु मां इंटरप्राइजेज।
--
परिवहन विभाग में वाहनों के पंजीकरण में थोड़ी कमी आई है लेकिन इसकी वजह मंदी को नहीं कहा जा सकता। डीलरों के पास वाहनों का बहुत बड़ा स्टॉक मौजूद है। वाहनों की खरीद थोड़ी प्रभावित हो रही है। लेकिन यह सिर्फ बाजार का स्लो डाउन है। बाजार में स्लो डाउन आने का मतलब मंदी नहीं होता है। यदि अभी वाहनों की बिक्री कम हो रही है, जल्द ही इसमें बढ़ोतरी भी होगी। - सुरेश गुंसाई, सेल्स मैनेजर, बिंदल हुंडई।
--
सोशल मीडिया आदि में मंदी को लेकर हौवा फैलाया जा रहा है। जिस कारण लोगों में मंदी को लेकर भ्रम हो रहा है लेकिन हकीकत में मंदी है नहीं। लोगों को मंदी को लेकर दुष्प्रचार के स्थान पर सकारात्मक चीजें करनी चाहिए। यदि देश में मंदी होती तो विदेशी लोग भारत में निवेश करने के लिए लालायित नहीं रहते। - पंकज पैटरिया, बिंदल हुंडई।
--
देश में ऑनलाइन कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। इससे अन्य कारोबार प्रभावित हो रहे हैं लेकिन इसे मंदी से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। थोड़ा-बहुत बाजार में उतार-चढ़ाव तो आता ही रहता है। इसके लिए व्यापारियों को भी जागरूक होना चाहिए। उन्हें अपने व्यापार से जुड़ी प्रत्येक तकनीक एवं नई सूचनाओं की जानकारी होनी चाहिए ताकि वह अपने कारोबार को और बढ़ा सके। - शरद गोयल, गुलाब रेस्टोरेंट।
--
हम 18 वर्षों से बाजार में स्लो डाउन देखते आ रहे हैं। यह कोई पहली बार नहीं हो रहा है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। बाजार में कभी स्लो डाउन तो कभी बूम आता ही रहता है। ऐसे समय में हमें सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए। सरकार बाजार और देश हित में सही निर्णय ले रही है। इसका फायदा आम जनता को भविष्य में मिलेगा। - अजय गोयल, आस्था इलेक्ट्रॉनिक्स।
--
सर्राफा बाजार में मंदी नजर नहीं आ रही है। भारत में जीएसटी और टैक्स जमा करने में अभी एक बड़ा वर्ग शामिल नहीं हैं जबकि हम सभी को टैक्स भरना चाहिए। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ रहा है। सर्राफा बाजार में व्यापारियों ने सोने अलग-अलग दाम तय कर रखे हैं जबकि सरकार ने इसका स्टैंडर्ड तय किया है। कुछ सर्राफा व्यापारी छोटे से लाभ के लिए दामों को मेंटेन नहीं कर पाते हैं। - लक्ष्मी प्रसाद, प्रबंधक, पीसी ज्वैलर्स।
--
सर्राफा, रियल स्टेट और ऑटोमोबाइल समेत किसी भी कारोबार में मंदी नहीं है। कारोबारों का मुनाफा लगातार बढ़ रहा है। हालांकि कुछ मंदी का हौवा बनाकर दुष्प्रचार कर रहे हैं। बाजार के उतार-चढ़ाव को मंदी का नाम नहीं देना चाहिए। रुद्रपुर में मंदी का असर नहीं आ रहा है। दीपावली में सभी कारोबारों में एक बार फिर बूम आएगा। - अभिमन्यु ढींगरा, एमडी, गुुरु मां इंटरप्राइजेज।

--
ऑटोमोबाइल के कारोबार में किसी प्रकार की मंदी नहीं है। शोरूमों में लगातार वाहन बिक्री हो रही है। प्रतिदिन नये वाहन एडवांस बिक्री के लिए बुक हो रहे हैं। वाहनों के लिए लोगों का क्रेज पूर्व की ही तरह है। यदि देश में मंदी होती तो वाहनों की बिक्री में कमी आती है। किसी को भी देशहित में मंदी का दुष्प्रचार नहीं करना चाहिए। - पुनीत मित्तल, एमडी, आकांक्षा ऑटोमोबाइल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed