मद्महेश्वर-पांडवसेरा-नंदीकुंड-घिया विनायक दर्रा पनपतिया ट्रेकिंग सर्किट पर ग्लेशियर कैंप से डेढ़ सौ मीटर नीचे मिले ताल का नाम छह युवाओं ने आपसी विचार-विमर्श से शिव सरोवर रखा है। यह नाम स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया गया है। बीते एक सितंबर को पौड़ी, टिहरी व रुद्रप्रयाग के छह युवाओं ने इस ताल की खोज की थी।
छह सदस्यीय दल में शामिल गौंडार गांव निवासी अभिषेक पंवार ने बताया कि ग्लेशियर कैंप से नंदीकुंड का विहंगम दृश्य दिखता है। यह कुंड नंदा को समर्पित है। बीते एक सितंबर को जो ताल को खोजा गया, उसकी भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि पंच केेदार के हिमालय सर्किट के मध्य में स्थित है। आकाश पंवार, दीपक पंवार, विनय नेगी, ललित मोहन लिंगवाल और अरविंद रावत ने बीते बीते वर्ष जून-जुलाई में गूगूल अर्थ पर मद्महेश्वर-पांडवसेरा-नंदीकुंड-घिया विनायक दर्रा पनपतिया ट्रेकिंग सर्किट पर एक ताल को देखा था। इसी वर्ष बीते 27 अगस्त को युवाओं ने द्वितीय केदार मद्महेश्वर से अपना ट्रेकिंग अभियान शुरू किया और 60 किमी की ट्रेकिंग कर एक सितंबर को ताल को खोज निकाला।