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शासनादेश जारी होने पर ही करेंगे आंदोलन समाप्त
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मांग को लेकर केदारघाटी की ग्राम पंचायत त्रियुगीनारायण के ग्रामीणों का क्रमिक प्रदर्शन 17वें दिन भी जारी रहा। सरकार से अस्पताल का जीओ जारी होने पर ही धरना खत्म करने की बात कही गई।
शनिवार को जिपं सदस्य बबीता सजवाण, ग्राम प्रधान प्रियंका तिवारी और महिला मंगल दल अध्यक्ष अनीता राणा के नेतृत्व में ग्रामीण धरने पर डटे रहे। इस दौरान गांव के 40 लोगों ने धरना दिया, जिसमें 30 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल थे। धरनास्थल पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन के बाद जनप्रतिनिधियों व सरकार के प्रतिनिधियों द्वारा उन्हें मांगपूर्ति को लेकर आश्वस्त किया जा रहा है। जब तक, अस्पताल खोलने का शासनादेश जारी नहीं होता, वे आंदोलनरत रहेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि राज्य निर्माण के 21 वर्ष बाद भी उन्हें सरकार बुखार की दवा उपलब्ध नहीं करा पाई है, जबकि त्रियुगीनारायण गांव को पर्यटन ग्राम का दर्जा दिया गया है। लोग, खांसी, जुकाम व बुखार की दवा के लिए भी 28 किमी दूर फाटा की दौड़ लगा रहे हैं लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है। आंदोलनकारियों ने ऊखीमठ तहसील प्रशासन के प्रति रोष जताते हुए नारेबाजी भी की। धरना देने वालों में शांता देवी, चंपा देवी, अनीता देवी, कमल किशोर, केसरी प्रसाद, गिरीश चंद्र, राकेश चंद्र, भगवती प्रसाद, विचित्र नारायण, देवेश्वरी देवी, सुदामा देवी, सुशीला देवी, बीरा देवी मौजूद थे।
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शनिवार को जिपं सदस्य बबीता सजवाण, ग्राम प्रधान प्रियंका तिवारी और महिला मंगल दल अध्यक्ष अनीता राणा के नेतृत्व में ग्रामीण धरने पर डटे रहे। इस दौरान गांव के 40 लोगों ने धरना दिया, जिसमें 30 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल थे। धरनास्थल पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन के बाद जनप्रतिनिधियों व सरकार के प्रतिनिधियों द्वारा उन्हें मांगपूर्ति को लेकर आश्वस्त किया जा रहा है। जब तक, अस्पताल खोलने का शासनादेश जारी नहीं होता, वे आंदोलनरत रहेंगे।
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ग्रामीणों का कहना है कि राज्य निर्माण के 21 वर्ष बाद भी उन्हें सरकार बुखार की दवा उपलब्ध नहीं करा पाई है, जबकि त्रियुगीनारायण गांव को पर्यटन ग्राम का दर्जा दिया गया है। लोग, खांसी, जुकाम व बुखार की दवा के लिए भी 28 किमी दूर फाटा की दौड़ लगा रहे हैं लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है। आंदोलनकारियों ने ऊखीमठ तहसील प्रशासन के प्रति रोष जताते हुए नारेबाजी भी की। धरना देने वालों में शांता देवी, चंपा देवी, अनीता देवी, कमल किशोर, केसरी प्रसाद, गिरीश चंद्र, राकेश चंद्र, भगवती प्रसाद, विचित्र नारायण, देवेश्वरी देवी, सुदामा देवी, सुशीला देवी, बीरा देवी मौजूद थे।
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