जखोली ब्लाक के बड़मा क्षेत्र के डोभा गांव में सड़क न होने पर पैर पर चोट लगने से घायल महिला को ग्रामीणों ने डंडी पर कंधों के सहारे तीन किमी पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाया। उपचार के बाद पुन: महिला को डंडी से घर तक लाया गया। वहीं, डडोली-डोभा मार्ग निर्माण पूरा कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों का क्रमिक अनशन 12वें दिन भी जारी रहा। उन्होंने मामले में कार्रवाई नहीं होने पर 22 दिसंबर को कलक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन की चेतावनी दी।
सोमवार दोपहर को डोभा गांव निवासी राजी देवी (56) घर से कुछ दूर खेतों में काम करते हुए पैर पर चोट लगने से घायल हो गईं। साथ की महिलाएं उन्हें बमुश्किल से घर लेकर आई। राजी देवी को अस्पताल ले जाना था लेकिन गांव में सड़क नहीं होने पर ग्रामीणों ने उन्हें डंडी के सहारे कंधों पर तीन किमी पैदल चलकर डडोली में अस्पताल तक पहुंचाया। यहां पर चिकित्सकों ने उनका उपचार किया। इसके बाद ग्रामीण दोबारा डंडी से उन्हें घर लेकर आए। क्षेत्र पंचायत सदस्य आनंद रौथाण ने बताया कि डडोली-डोभा मोटर मार्ग का निर्माण अधर में लटकने से घायल व बीमार को इसी तरह डंडी से सड़क तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीएम ने 21 दिसंबर तक मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अगर, मंगलवार तक प्रशासनिक स्तर पर सड़क निर्माण को लेकर कोई निर्णय नहीं होता तो 22 दिसंबर को जनांदोलन के रूप में कलक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। इस मौके पर सड़क संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनोद नेगी, ग्राम प्रधान प्रकाश रावत, शिक्षक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष यशपाल सिंह रावत, महावीर सिंह, मनोज नेगी सहित युवा व महिला मंगल दल के सदस्य मौजूद थे।