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जहां पाई नियुक्ति वहीं से हुए सेवानिवृत्त
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Mon, 04 Apr 2016 09:19 PM IST
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कृपाल सिंह कुशवाह ऐसे अध्यापक हैं, जिन्होंने पूरी सेवा अवधि एक ही विद्यालय में पूरी की। कानपुर देहात निवासी कुशवाह 12 दिसंबर 1990 को बच्छणस्ूयं पट्टी के दूरस्थ राजकीय हाईस्कूल बरसूड़ी (तब पौड़ी जनपद) में एलटी शिक्षक नियुक्त हुए और 31 मार्च 2016 को इसी विद्यालय से सेवानिवृत्त हुए।
25 वर्ष और 3 माह के नौकरी में उन्होंने बहुत कुछ बदलते हुए भी देखा। एक तरफ बच्छणस्यूं क्षेत्र वर्ष 1997 में रुद्रप्रयाग जनपद का हिस्सा बना। वहीं वर्ष 2005-06 में हाईस्कूल बरसूड़ी उच्चीकृत होकर इंटरमीडिएट हुआ। साथ के कई पुराने शिक्षक स्थानांतरित हुए और नए साथी आए। बावजूद इसके कुशवाह की सुनवाई कहीं नहीं हुई। स्वास्थ्य भी बिगड़ा, पारिवारिक दिक्कतें भी आई, लेकिन अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराने के बाद भी उनका तबादला नहीं हुआ। भले ही वे उसी उत्साह के साथ अपना शिक्षण कार्य करते रहे, जो नौकरी के पहले दिन से था। उनके विषय में बोर्ड परीक्षा परीक्षाफल भी हमेशा बेहतर रहा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य एसएल धीमान कहते हैं कि कुशवाह बच्चों को हमेशा प्रेरित करते रहे। शिक्षक डा. प्रकाश चमोली कहते हैं वे अपने शिक्षण कार्य को प्राथमिकता देते थे। सोमवार को विद्यालय परिवार सहित ग्राम पंचायत पाटा, बरसूड़ी, पीपली और बणगांव के ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने सेवानिवृत्त हुए कुशवाह को भावभीनी विदाई दी।
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25 वर्ष से अधिक समय की नौकरी एक ही विद्यालय में पूरी कर रिटायर भी हो गया हूं। मैंने अपनी ओर से बेहतर से बेहतर करने की कोशिश की। बस एक ही मलाल है, कई बार स्थानांतरण के लिए गुहार लगाने के बाद भी कहीं किसी ने नहीं सुना।- कृपाल सिंह कुशवाह, रिटायर शिक्षक, जीआईसी बरसूड़ी
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25 वर्ष और 3 माह के नौकरी में उन्होंने बहुत कुछ बदलते हुए भी देखा। एक तरफ बच्छणस्यूं क्षेत्र वर्ष 1997 में रुद्रप्रयाग जनपद का हिस्सा बना। वहीं वर्ष 2005-06 में हाईस्कूल बरसूड़ी उच्चीकृत होकर इंटरमीडिएट हुआ। साथ के कई पुराने शिक्षक स्थानांतरित हुए और नए साथी आए। बावजूद इसके कुशवाह की सुनवाई कहीं नहीं हुई। स्वास्थ्य भी बिगड़ा, पारिवारिक दिक्कतें भी आई, लेकिन अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराने के बाद भी उनका तबादला नहीं हुआ। भले ही वे उसी उत्साह के साथ अपना शिक्षण कार्य करते रहे, जो नौकरी के पहले दिन से था। उनके विषय में बोर्ड परीक्षा परीक्षाफल भी हमेशा बेहतर रहा।
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विद्यालय के प्रधानाचार्य एसएल धीमान कहते हैं कि कुशवाह बच्चों को हमेशा प्रेरित करते रहे। शिक्षक डा. प्रकाश चमोली कहते हैं वे अपने शिक्षण कार्य को प्राथमिकता देते थे। सोमवार को विद्यालय परिवार सहित ग्राम पंचायत पाटा, बरसूड़ी, पीपली और बणगांव के ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने सेवानिवृत्त हुए कुशवाह को भावभीनी विदाई दी।
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25 वर्ष से अधिक समय की नौकरी एक ही विद्यालय में पूरी कर रिटायर भी हो गया हूं। मैंने अपनी ओर से बेहतर से बेहतर करने की कोशिश की। बस एक ही मलाल है, कई बार स्थानांतरण के लिए गुहार लगाने के बाद भी कहीं किसी ने नहीं सुना।- कृपाल सिंह कुशवाह, रिटायर शिक्षक, जीआईसी बरसूड़ी