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छूट के बाद भी केदारघाटी में दुकानें बंद
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भगवान केदारनाथ के कपाटोट्घाटन को एक सप्ताह हो गया है, लेकिन केदारघाटी की वीरानी टूटने का नाम नहीं ले रही। गुप्तकाशी से गौरीकुंड तक बाजारों में सन्नाटा पसरा है। लॉकडाउन में छूट दिए जाने के बावजूद ज्यादातर दुकानें बंद हैं। जो खुली हैं, उन पर भी ग्राहक नहीं पहुंच रहे।
केदारघाटी के 80 से अधिक गांवों और कस्बों में वीरानी छाई है। स्थानीय व्यापारी राजेंद्र सिंह, आलोक बगवाड़ी, प्रेम सिंह नेगी आदि का कहना है बीते वर्ष तक यात्रा शुरू होते ही बाजारों में चहलकदमी शुरू हो जाती थी। व्यापारियों का काम बढने से उन्हें दिनभर फुर्सत नहीं होती थी। आस पास के गांवों के सैकड़ों लोगों को दुकानों में रोजगार भी मिलता था।
इस साल कोरोना संक्रमण की आशंका ने सबकी उम्मीदें धूमिल कर दी हैं। गौरीकुंड के व्यापार संघ अध्यक्ष अरविंद गोस्वामी, गौरी शंकर गोस्वामी, पूर्व प्रधान राकेश गोस्वामी का कहना है कि लॉकडाउन के कारण चारों तरफ सन्नाटा पसरा है। चाय की दुकान से लेकर ढाबा, होटल, लॉज, घोड़ा-खच्चर, दंडी-कंडी समेत सभी काम बंद हैं।
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केदारघाटी के 80 से अधिक गांवों और कस्बों में वीरानी छाई है। स्थानीय व्यापारी राजेंद्र सिंह, आलोक बगवाड़ी, प्रेम सिंह नेगी आदि का कहना है बीते वर्ष तक यात्रा शुरू होते ही बाजारों में चहलकदमी शुरू हो जाती थी। व्यापारियों का काम बढने से उन्हें दिनभर फुर्सत नहीं होती थी। आस पास के गांवों के सैकड़ों लोगों को दुकानों में रोजगार भी मिलता था।
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इस साल कोरोना संक्रमण की आशंका ने सबकी उम्मीदें धूमिल कर दी हैं। गौरीकुंड के व्यापार संघ अध्यक्ष अरविंद गोस्वामी, गौरी शंकर गोस्वामी, पूर्व प्रधान राकेश गोस्वामी का कहना है कि लॉकडाउन के कारण चारों तरफ सन्नाटा पसरा है। चाय की दुकान से लेकर ढाबा, होटल, लॉज, घोड़ा-खच्चर, दंडी-कंडी समेत सभी काम बंद हैं।
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