{"_id":"677bdc4a213508f66d0ed9f1","slug":"pandavas-reached-semi-from-chunni-village-on-the-call-of-the-devotee-rudraprayag-news-c-52-1-sdrn1031-110430-2025-01-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rudraprayag News: भक्त के बुलावे पर चुन्नी गांव से सेमी पहुंचे पांडव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rudraprayag News: भक्त के बुलावे पर चुन्नी गांव से सेमी पहुंचे पांडव
Mon, 06 Jan 2025 07:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Mon, 06 Jan 2025 07:06 PM IST
विज्ञापन
गुप्तकाशी। केदारघाटी के चुन्नी गांव से पांडव अपने भक्तों के आमंत्रण पर सेमी गांव पहुंचे। यहां पांडवों ने ग्रामीणों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया और ग्रामीणों ने उन्हें भोग भी लगाया।
35 वर्ष बाद चुन्नी गांव में पांडव नृत्य का आयोजन हो रहा है। यहां प्रतिदिन ढोल-दमाऊं की थाप पर पांडव पश्वाओं पर अवतरित हो रहे हैं और नृत्य कर रहे हैं। इधर, सोमवार को पांडव सेमी गांव पहुंचे। ग्रामीण मदन सिंह रावत ने बताया कि उनके पूर्वज पहले चुन्नी गांव में रहते थे। वर्ष 1950 में एक परिवार यहां सेमी गांव में बस गया था। तब से उनकी यहां चार पीढि़यां हो चुकी हैं। चुन्नी गांव से उनका आज भी संबंध है। इसी के तहत उन्होंने पांडव पश्वाओं को आमंत्रित किया। यह उनका और परिवार का सौभाग्य है कि उन्हें पांडवों का आशीर्वाद मिला है। संवाद
विज्ञापन
35 वर्ष बाद चुन्नी गांव में पांडव नृत्य का आयोजन हो रहा है। यहां प्रतिदिन ढोल-दमाऊं की थाप पर पांडव पश्वाओं पर अवतरित हो रहे हैं और नृत्य कर रहे हैं। इधर, सोमवार को पांडव सेमी गांव पहुंचे। ग्रामीण मदन सिंह रावत ने बताया कि उनके पूर्वज पहले चुन्नी गांव में रहते थे। वर्ष 1950 में एक परिवार यहां सेमी गांव में बस गया था। तब से उनकी यहां चार पीढि़यां हो चुकी हैं। चुन्नी गांव से उनका आज भी संबंध है। इसी के तहत उन्होंने पांडव पश्वाओं को आमंत्रित किया। यह उनका और परिवार का सौभाग्य है कि उन्हें पांडवों का आशीर्वाद मिला है। संवाद
विज्ञापन