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बेटी चढ़ी एवरेस्ट तो गांव में खुशी का माहौल
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Mon, 30 May 2016 10:18 PM IST
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अगस्त्यमुनि ब्लाक के गुनांऊ गांव निवासी नतून वशिष्ठ ने किया एवरेस्ट फतह, एवरेस्ट में नतून।
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अगस्त्यमुनि विकासखंड के गुनाऊं गांव के गिरीश चंद्र वशिष्ठ की 21 वर्षीय पुत्री नूतन के एवरेस्ट फतह करने की सूचना मिलने के बाद से जिले में खुशी का माहौल है। नूतन 22 जून को गांव पहुंच रही है। गांव में उसका जोरदार स्वागत होगा।
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गुनाऊं की ग्राम प्रधान ऊषा देवी का कहना है कि गांव के लिए इससे बड़ा गौरव क्या होगा कि वहां की बेटी विश्वमंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही है। नूतन और उनके परिजन हर वर्ष गर्मियों में कुछ दिन के लिए गांव पहुंचते हैं। इस वर्ष गांव पहुंचने पर बेटी का भव्य स्वागत किया जाएगा।
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इधर, गांव में रह रहे नूतन के ताऊ अनुसूया प्रसाद, देवेंद्र प्रसाद और चाचा नागेंद्र प्रसाद ने कहा कि उनकी बेटी ने माता-पिता ही नहीं उन्हें भी नई पहचान दी है। बेटी की इस सफलता पर उन्हें गर्व है। पर्वतारोही नूतन के माता विपिन सेमवाल का कहना है कि बचपन से ही उनकी भानजी को पर्वतारोहण का शौक था।
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छोटे में जब भी वह गांव आती थी तो जंगलों की सैर और वहां पेड़ों व चट्टानों पर चढ़ना उनका शौक था। नूतन अभी काठमांडू में हैं, जहां से वह 7 जून को दिल्ली पहुंचेंगी। 15 जून को बीकानेर जाने के बाद संभवत: 21 या 22 जून को माता-पिता के साथ अपने गांव गुनाऊं आएंगी।
पलायन की मार झेल रहा गुनाऊं
रुद्रप्रयाग। ग्राम पंचायत-डांगी-गुनाऊं का गुनाऊं गांव पलायन की मार झेल रहा है। आठ वर्ष पहले भले ही गांव सड़क से जुड़ चुका है, लेकिन यहां 40 परिवारों में से 28 परिवार डेढ़ दशक में पलायन कर चुके हैं। स्वास्थ्य सुविधा के लिए ग्रामीणों को अगस्त्यमुनि और रुद्रप्रयाग की दौड़ लगानी पड़ती है। पानी के लिए लोग प्राकृतिक स्रोत पर निर्भर है।