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जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने पर 15 सरकारी विभागों को नोटिस
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Notice to 15 Department for No Tax
रुद्रपुर। ढाई लाख रुपये से अधिक की खरीद करने वाले कार्यदायी (संविदी) विभाग जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं। जीएसटी में पंजीयन के बावजूद 15 विभागों के आहरण वितरण अधिकारियों ने एक बार भी जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं किया है। इसके बाद अब राज्य कर विभाग ने 15 विभागों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर रिटर्न दाखिल नहीं करने पर अर्थदंड लगाने की चेतावनी दी है। नोटिस के पीछे विभाग की मंशा विभागों से काम लेने वाले ठेकेदारों के बारे में जानकारी जुटाना है ताकि उनके रिटर्न के बारे में भी पता लगाया जा सके।
दरअसल एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद कार्यदायी विभागों के आहरण वितरण अधिकारियों के पंजीकरण का प्रावधान किया गया था। ढाई लाख रुपये से अधिक की खरीद करने पर कार्यदायी विभागों को दो फीसदी की दर से जीएसटी का भुगतान करना था। लेकिन पंजीकरण कराने वाले 46 में से 15 विभाग ऐसे हैं, जिन्होंने वर्तमान तक जीएसटी रिटर्न नहीं भरा है। नियमानुसार जीएसटीआर 7 हर महीने की 10 तारीख को भरा जाना अनिवार्य होता है। इसके बाद राज्य कर विभाग ने 15 विभागों को ई-मेल के जरिये नोटिस भेजकर 15 दिन में रिटर्न भरने को कहा है।
सूत्रों के अनुसार नोटिस वाले विभागों में से कई ने ढाई लाख रुपये के अधिक का सामान खरीदा है या फिर निर्माण कार्य करवाए हैं। ऐसे में रिटर्न दाखिल नहीं करना जीएसटी चोरी ही माना जा रहा है। इन विभागों से कई ठेकेदार भी सामानों की आपूर्ति और निर्माण कार्य करते हैं। इसकी एवज में ठेकेदारों जीएसटी चुकाते हैं। यह ठेकेदार राज्य कर विभाग में रिटर्न भर रहे हैं या नहीं, इसकी भी जानकारी विभाग की ओर से भरे जाने वाले रिटर्न से होगी।
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जीएसटी में पंजीकरण के बावजूद 15 संविदी विभागों के आहरण वितरण अधिकारियों ने जीएसटी रिटर्न एक बार भी फाइल नहीं किया है। इन विभागों को नोटिस भेजकर 15 दिन में रिटर्न फाइल करने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर अर्थदंड की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। -बीसी पांडे, असिस्टेंट कमिश्नर, राज्य कर विभाग।
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दरअसल एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद कार्यदायी विभागों के आहरण वितरण अधिकारियों के पंजीकरण का प्रावधान किया गया था। ढाई लाख रुपये से अधिक की खरीद करने पर कार्यदायी विभागों को दो फीसदी की दर से जीएसटी का भुगतान करना था। लेकिन पंजीकरण कराने वाले 46 में से 15 विभाग ऐसे हैं, जिन्होंने वर्तमान तक जीएसटी रिटर्न नहीं भरा है। नियमानुसार जीएसटीआर 7 हर महीने की 10 तारीख को भरा जाना अनिवार्य होता है। इसके बाद राज्य कर विभाग ने 15 विभागों को ई-मेल के जरिये नोटिस भेजकर 15 दिन में रिटर्न भरने को कहा है।
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सूत्रों के अनुसार नोटिस वाले विभागों में से कई ने ढाई लाख रुपये के अधिक का सामान खरीदा है या फिर निर्माण कार्य करवाए हैं। ऐसे में रिटर्न दाखिल नहीं करना जीएसटी चोरी ही माना जा रहा है। इन विभागों से कई ठेकेदार भी सामानों की आपूर्ति और निर्माण कार्य करते हैं। इसकी एवज में ठेकेदारों जीएसटी चुकाते हैं। यह ठेकेदार राज्य कर विभाग में रिटर्न भर रहे हैं या नहीं, इसकी भी जानकारी विभाग की ओर से भरे जाने वाले रिटर्न से होगी।
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जीएसटी में पंजीकरण के बावजूद 15 संविदी विभागों के आहरण वितरण अधिकारियों ने जीएसटी रिटर्न एक बार भी फाइल नहीं किया है। इन विभागों को नोटिस भेजकर 15 दिन में रिटर्न फाइल करने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर अर्थदंड की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। -बीसी पांडे, असिस्टेंट कमिश्नर, राज्य कर विभाग।