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नई शिक्षा नीति को सराहा पर जमीनी स्तर पर कार्य जरूरी
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राज्य व राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के साथ ही अन्य शिक्षाविदों ने शिक्षा नीति 2020 को बेहतरीन बताते हुए इसे भौगोलिक संरचना के साथ लागू करने पर जोर दिया। कहा कि प्रारंभिक स्तर से शिक्षा की बेहतरी के लिए भाषा पर जोर देने से अच्छे परिणाम मिलेंगे।
- राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित व राप्रावि जैली के प्रधानाध्यापक माधव सिंह नेगी का कहना है कि प्राथमिक स्तर को मजबूत करने से शिक्षा बेहतर होगी। उन्होंने प्राथमिक स्तर पर मातृ भाषा के ज्ञान के लिए ठोस नीति बनाने की बात कही है। नेगी के अनुसार बच्चों में पठन-पाठन के साथ व्यवसायिक कौशल विकसित करना होगा, इसके लए अभिभावकों का जागरूक होना जरूरी है।
- शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित व जीआईसी क्यूंजा में भूगोल के प्रवक्ता विजय वैरवाण का कहना है कि शिक्षण संस्थाओं में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने से सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का रुझान बढ़ेगा।
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- राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय खुमेरा के शिक्षक दिनेश राणा ने कहा कि नई शिक्षा नीति कौशल विकास पर आधारित है। इसलिए, प्राथमिक स्तर से ही स्कूलों में प्रयोगात्मक पढ़ाई जरूरी है।
- शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित जनता इंटर कॉलेज बजीरा के शिक्षक बीरेंद्र राणा एवं जीआईसी मक्कूमठ में तैनात शिक्षक राधाकृष्ण नौटियाल का कहना है कि पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ स्कूल स्तर पर बच्चों को मानसिक रूप से सशक्त बनाने के लिए भी मनोविज्ञान कक्षाएं संचालित होनी चाहिए। कहा कि नई शिक्षा नीति से पुराने पैटर्न की जटिलताएं खत्म होने से छात्रों को लाभ होगा, लेकिन इसके लिए जमीन स्तर पर पैनी नजर रखनी पड़ेगी।
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- राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित व राप्रावि जैली के प्रधानाध्यापक माधव सिंह नेगी का कहना है कि प्राथमिक स्तर को मजबूत करने से शिक्षा बेहतर होगी। उन्होंने प्राथमिक स्तर पर मातृ भाषा के ज्ञान के लिए ठोस नीति बनाने की बात कही है। नेगी के अनुसार बच्चों में पठन-पाठन के साथ व्यवसायिक कौशल विकसित करना होगा, इसके लए अभिभावकों का जागरूक होना जरूरी है।
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- शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित व जीआईसी क्यूंजा में भूगोल के प्रवक्ता विजय वैरवाण का कहना है कि शिक्षण संस्थाओं में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने से सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का रुझान बढ़ेगा।
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- राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय खुमेरा के शिक्षक दिनेश राणा ने कहा कि नई शिक्षा नीति कौशल विकास पर आधारित है। इसलिए, प्राथमिक स्तर से ही स्कूलों में प्रयोगात्मक पढ़ाई जरूरी है।
- शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित जनता इंटर कॉलेज बजीरा के शिक्षक बीरेंद्र राणा एवं जीआईसी मक्कूमठ में तैनात शिक्षक राधाकृष्ण नौटियाल का कहना है कि पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ स्कूल स्तर पर बच्चों को मानसिक रूप से सशक्त बनाने के लिए भी मनोविज्ञान कक्षाएं संचालित होनी चाहिए। कहा कि नई शिक्षा नीति से पुराने पैटर्न की जटिलताएं खत्म होने से छात्रों को लाभ होगा, लेकिन इसके लिए जमीन स्तर पर पैनी नजर रखनी पड़ेगी।