फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   Mother in one lakh, Dai sold two lakhs in three months baby

एक लाख में मां ने, दो लाख में दाई ने बेच दिया तीन माह का शिशु

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jul 2019 12:45 AM IST
विज्ञापन
Mother in one lakh, Dai sold two lakhs in three months baby
रुद्रपुर एसएसपी कार्यालय में खुलासे के दौरान पिता की गोद में मासूम। - फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। महज एक लाख रुपये के लालच में ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने दाई के साथ मिलकर अपने तीन माह के शिशु को बेच दिया। यही नहीं दाई ने भी रुपये कमाने के लालच में यूपी निवासी खरीदार से शिशु का सौदा दो लाख में कर दिया। शिशु के पिता की तहरीर पर पुलिस ने तीन घंटे की भीतर ही मासूम की मां, दाई और तीन खरीदारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने सौदे की रकम भी बरामद की है।
विज्ञापन

पुलिस कार्यालय में शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने बताया कि बीते शुक्रवार की रात करीब 11 बजे ट्रांजिट कैंप राजा कॉलोनी निवासी कमल गंगवार ने पुलिस को उसके घर से उसके तीन माह के बेटे श्रेयांश के अगवा होने की सूचना दी। सूचना पर एसपी सिटी देवेंद्र पींचा के निर्देशन और एसओ ट्रांजिट कैंप बीडी जोशी के नेतृत्व में पुलिस की तीन टीमों का गठन किया गया।
विज्ञापन

पुलिस जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि मासूम की मां लता द्वारा रात में ही शिशु को ठाकुरनगर में दाई का काम करने वाली ममता विश्वास को एक लाख रुपये में बेच दिया गया था। वहीं ममता ने रिंग रोड आवास विकास निवासी कुलजीत सिंह के साथ मिलकर ग्राम इंदरपुर बिलासपुर (यूपी) निवासी कुलजीत सिंह और उसकी भाभी रमनदीप कौर के साथ दो लाख में मासूम का सौदा किया था। चूंकि रमनदीप कौर के बच्चे नहीं थे, लिहाजा उसके देवर कुलजीत सिंह ने यह शिशु उसके लिए खरीदा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

इधर, मासूम को बेचने के बाद लता ने उसके अगवा होने की अफवाह फैलाई, जिससे उस पर किसी को शक न हो। करीब तीन घंटे की मेहनत के बाद पूरा मामला खुलने पर पुलिस ने मासूम और उसकी बिक्री से मिले दो लाख रुपये भी बरामद कर लिए।
मामले में शिशु की मां लता, दाई ममता विश्वास, आवास विकास निवासी कुलजीत सिंह, बिलासपुर निवासी कुलजीत सिंह और उसकी भाभी रमनदीप कौर को गिरफ्तार किया गया है। एसएसपी ने बताया कि लता को एक लाख रुपये देने के बाद शेष एक लाख की रकम को ममता और कुलजीत ने आपस में बांट लिया था।
टीम पर इनामों की बौछार
रुद्रपुर। अपनी ही मां द्वारा बेचे गए मासूम को बरामद करने वाली टीम में एसआई दिनेश सिंह, जितेंद्र सिंह, धर्मेंद्र कुमार, हरविंदर कुमार, कांस्टेबल जगमोहन गौड़, जय कुमार, नीरज शुक्ला, धर्मेंद्र प्रसाद, भुवन पांडे, खीम सिंह, राकेश खेतवाल, उमेश डांगी, लक्ष्मण सिंह, रघुनाथ सिंह, महिला कांस्टेबल धारा कोरंगा, जानकी बिष्ट और डॉली भट्ट शामिल थे। डीआईजी जगतराम जोशी ने टीम को पांच हजार, एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने ढाई हजार और एसपी देवेंद्र पींचा ने डेढ़ हजार रुपये इनाम की घोषणा की है।
शिशु पैदा होते ही बना ली थी उसे बेचने की योजना
रुद्रपुर। मासूम श्रेयांश के पैदा होते ही दाई ममता विश्वास ने उसे बेचने की योजना बना ली थी। इसके लिए ममता लगातार लता के संपर्क में रही और सबसे पहले ममता ने 20 हजार फिर 50 हजार और उसके बाद आखिर में एक लाख रुपये में लता को मना लिया। श्रेयांश से पहले भी लता के दो बेटे हैं। श्रेयांश को बेचने के बारे में लता ने अपने पति कमल और सास को भी नहीं बताया था।
डिलीवरी के समय भी दो घंटे गायब हुआ था मासूम
रुद्रपुर। तीन माह पूर्व कमल ने लता की डिलीवरी बरेली के एक निजी अस्पताल में कराई थी। डिलीवरी तक दाई ममता ही लता की देखरेख कर रही थी। डिलीवरी के समय ममता भी बरेली पहुंची और प्रसव के बाद दो घंटे तक श्रेयांश अस्पताल से गायब हो गया और बाद में दाई के पास से परिजनों ने उसे बरामद किया था।
जिले में पहले भी हुई है मासूम और नाबालिगों की खरीद-फरोख्त
रुद्रपुर। जिले में मासूमों के साथ ही नाबालिगों की खरीद-फरोख्त के मामले पहले भी हुए हैं। बीते वर्ष जून से अब तक पुलिस रिकॉर्ड में ऐसे पांच मामले दर्ज किए गए, जिसमें कहीं नाबालिग तो कहीं मासूम को बेचा गया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जून 2018 में कुछ युवकों ने रेशमबाड़ी निवासी एक नाबालिग लड़की को अगवा कर उसे 50 हजार रुपये में बेच दिया था। मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रामपुर निवासी तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नाबालिग को बरामद किया।
जून 2018 में ही ट्रांजिट कैंप में रहने वाली मानसिक रूप से कमजोर एक महिला के 11 माह के बेटे को कुछ लोगों ने अगवा कर बेच दिया था। पुलिस ने मासूम को बरामद कर यूपी निवासी एक महिला सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसी तरह जुलाई 2018 में पश्चिम बंगाल से लाई गई एक नाबालिग को उसकी बहन ने ही ट्रांजिट कैंप में रहने वाले एक युवक को 50 हजार रुपये में बेच दिया।

मामले में पुलिस ने नाबालिग की बहन के साथ ही दो अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अक्तूबर 2018 में जसपुर में भी एक नवजात का अपहरण कर उसे बेचा गया था। पुलिस ने शिशु को बरामद कर उसे बेचने वाली एक महिला के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद अब ट्रांजिट कैंप में तीन माह के मासूम श्रेयांश को उसकी अपनी मां द्वारा ही बेचे जाने का खुलासा पुलिस ने किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed