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अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों के पास नहीं हैं अपने भवन
ब्यूरो/अमर उजाला रुद्रप्रयाग
Updated Sat, 16 Apr 2016 09:58 PM IST
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जखोली विकासखंड के ग्राम पंचायत कुरछोला का आंगनबाड़ी केंद्र का अपना भवन नहीं है। यह केंद्र एक दशक से कभी प्राइमरी स्कूल तो कभी पंचायत भवन से होकर गांव के आवासीय घरों में संचालित हो रहा है। यह स्थिति जिले के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों की है। जिले में संचालित 630 संचालित केंद्रों में 120 के ही अपने भवन हैं।
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महिला एवं बाल विकास विभाग में आईसीडीएस (इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलेपमेंट सर्विस) के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को भवन नसीब नहीं हो रहे हैं। वर्तमान में 492 आंगनबाड़ी केंद्रों को शासन से स्वीकृति मिल चुकी है, जिसमें 446 का संचालन हो रहा है।
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अपना भवन सिर्फ 83 केंद्रों के पास है। 244 केंद्र किराये के भवनों पर, 106 केंद्र ग्राम पंचायत भवनों पर और 39 मिलन केंद्रों पर चल रहे हैं। इनमें 40 फीसदी की स्थिति दयनीय बनी हुई है। 214 मिनी केंद्रों में भी 37 के पास अपने भवन हैं। कई केंद्रों तो सीलन से सने कमरों में चल रहे हैं, जहां बच्चों को बैठने के लिए भी जगह नहीं है। पंचायत भवन और मिलन केंद्रों में संचालित केंद्रों के पास टाट-पट्टी, बिजली, पानी और शौचालय की समस्या भी है।
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जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों के लिए प्रत्येक वर्ष शासन को प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। काफी कम संख्या में स्वीकृति व बजट मिलने से भवनों के निर्माण में देरी हो रही है। -- धर्मवीर सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी रुद्रप्रयाग