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नवासू और खेड़ाखाल में बंदरों की दहशत
रुद्रप्रयाग
Updated Tue, 10 Nov 2015 04:11 PM IST
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पट्टी बच्छणस्यूं के ग्राम पंचायत नवासू व खेड़ाखाल में बंदरों की दशहत से लोगों का जीना दुभर हो गया है।
साग-भाजी और फलदार पेड़ों को तहस-नहस करने के साथ ही बंदर घरों के अंदर से भी सामान उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घरों में छोटे बच्चों को लेकर भी खतरा बना है।
ग्रामीण सुरेंद्र सिंह रौथाण, जसवंत सिंह रौथाण, नागेंद्र सिंह रौथाण आदि का कहना है कि सुबह होते ही बंदरों की टोली घरों तक पहुंच रही हैं। इससे पहले धान और मंडुवा की फसल को जंगली सूअर नष्ट कर चुके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को पूर्व में कई बार अवगत कराने पर भी समस्या का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। उन्होंने फसल क्षतिपूर्ति और जंगली जानवरों की दहशत से निजात दिलाने की मंाग की है।
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इधर, रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के एसडीओ सोहन लाल ने बताया कि जंगली जानवरों से जहां-जहां फसलों को नुकसान पहुंचाया गया है। राजस्व विभाग की मदद से आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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साग-भाजी और फलदार पेड़ों को तहस-नहस करने के साथ ही बंदर घरों के अंदर से भी सामान उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घरों में छोटे बच्चों को लेकर भी खतरा बना है।
ग्रामीण सुरेंद्र सिंह रौथाण, जसवंत सिंह रौथाण, नागेंद्र सिंह रौथाण आदि का कहना है कि सुबह होते ही बंदरों की टोली घरों तक पहुंच रही हैं। इससे पहले धान और मंडुवा की फसल को जंगली सूअर नष्ट कर चुके हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को पूर्व में कई बार अवगत कराने पर भी समस्या का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। उन्होंने फसल क्षतिपूर्ति और जंगली जानवरों की दहशत से निजात दिलाने की मंाग की है।
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इधर, रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के एसडीओ सोहन लाल ने बताया कि जंगली जानवरों से जहां-जहां फसलों को नुकसान पहुंचाया गया है। राजस्व विभाग की मदद से आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।