त्रियुगीनारायण के ग्रामीणों का अस्पताल खोलने की मांग को लेकर आंदोलन 10वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान केदारनाथ के विधायक मनोज रावत और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीके शुक्ला ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग के बारे में शासन को अवगत करा दिया गया है। विधायक ने कहा कि जरूरी हुआ तो वे ग्रामीणों के साथ स्वयं भी धरने पर बैठेंगे। मैं विपक्ष का विधायक हूं, इसलिए मेरी कोई नहीं सुनता है।
रविवार को गांव पहुंचे विधायक रावत ने अनशन स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मुख्यमंत्रियों को बदलने में जुटी है लेकिन ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा मुहैया नहीं करा पा रही है। सीएमओ डॉ. बीके शुक्ला ने ग्रामीणों की मांग को जायज ठहराते हुए बताया कि उन्होंने शासन को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। साथ ही स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत से भी फोन पर बातचीत की है। उन्होंने जल्द उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सीएमओ ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि अगले दो दिन में गांव में दो फार्मेसिस्ट की नियुक्ति कर दी जाएगी। वहीं, धरनास्थल पर ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि जब तक मांगपूर्ति को लेकर लिखित में शासनादेश जारी नहीं होता है, वे आंदोलनरत रहेंगे। साथ ही आने वाले दिनों में आंदोलन को तेज कर आमरण अनशन के लिए भी बाध्य होंगे। इस मौके पर ग्राम प्रधान प्रियंका तिवारी, महिला मंगल दल अध्यक्ष अनीता देवी, नव युवक मंगल दल अध्यक्ष रजनीश गैरोला, दिवाकर गैरोला, सीताराम सुनील, दीर्घायु प्रसाद मौजूद थे।