{"_id":"67d193517bf8c48eb40ba046","slug":"leopard-caught-in-a-cage-some-distance-away-from-dewal-village-sent-to-chidiyapur-rescue-center-rudraprayag-news-c-52-1-sdrn1031-111570-2025-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rudraprayag News: देवल गांव से कुछ दूर पिंजरे में कैद हुआ गुलदार, चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rudraprayag News: देवल गांव से कुछ दूर पिंजरे में कैद हुआ गुलदार, चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेजा
Wed, 12 Mar 2025 07:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Wed, 12 Mar 2025 07:29 PM IST
विज्ञापन
महिला को मारने वाला गुलदार ये है या नहीं पता चलेगा रिपोर्ट आने के बाद
क्षेत्रीय जनता ने ली राहत की सांस
जखोली। देवल गांव से लगभग चार सौ मीटर दूर लम्वाड़ गांव के समीप गुलदार पिंजरे में कैद हुआ। वन विभाग की ओर से गुलदार को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है। अधिकारियों की माने तो पैरों के निशान और ट्रैप कैमराें से मिले चित्रों के हिसाब से यह वही आदमखोर गुलदार हो सकता है जिसने देवल गांव में 65 वर्षीय महिला को मारा था। मगर यह स्पष्ट तौर पर रिपोर्ट आने के बाद ही कहा जा सकता है।
बुधवार तड़के 4.30 बजे लम्वाड़ गांव के समीप एक गुलदार पिंजरे में कैद हुआ। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद पिंजरा तत्काल रेंज कार्यालय लाया गया। गुलदार को डीएफओ कार्यालय रुद्रप्रयाग लाने के बाद चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है। एसीएफ दिवाकर पंत ने बताया कि पैर के निशान और ट्रैप कैमरों से मिले चित्रों के हिसाब से लग रहा है कि यह वही गुलदार है जिसने 25 फरवरी को देवल गांव में महिला को मारा था। चिड़ियापुर में वेटनरी ऑफिसर की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा। उन्होंने बताया कि देवल गांव में घटना के बाद से गुलदार को पकड़ने के लिए विभागीय स्तर पर 32 सदस्यीय टीम तैनात की गई थी। साथ ही वन्य जीव विशेषज्ञ भी लगातार मार्गदर्शन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि 25 ट्रैप कैमरों की मदद से गुलदार की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। इधर, गुलदार के पिंजरे में फंसने के बाद से क्षेत्रीय जनता ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
क्षेत्रीय जनता ने ली राहत की सांस
जखोली। देवल गांव से लगभग चार सौ मीटर दूर लम्वाड़ गांव के समीप गुलदार पिंजरे में कैद हुआ। वन विभाग की ओर से गुलदार को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है। अधिकारियों की माने तो पैरों के निशान और ट्रैप कैमराें से मिले चित्रों के हिसाब से यह वही आदमखोर गुलदार हो सकता है जिसने देवल गांव में 65 वर्षीय महिला को मारा था। मगर यह स्पष्ट तौर पर रिपोर्ट आने के बाद ही कहा जा सकता है।
बुधवार तड़के 4.30 बजे लम्वाड़ गांव के समीप एक गुलदार पिंजरे में कैद हुआ। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद पिंजरा तत्काल रेंज कार्यालय लाया गया। गुलदार को डीएफओ कार्यालय रुद्रप्रयाग लाने के बाद चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है। एसीएफ दिवाकर पंत ने बताया कि पैर के निशान और ट्रैप कैमरों से मिले चित्रों के हिसाब से लग रहा है कि यह वही गुलदार है जिसने 25 फरवरी को देवल गांव में महिला को मारा था। चिड़ियापुर में वेटनरी ऑफिसर की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा। उन्होंने बताया कि देवल गांव में घटना के बाद से गुलदार को पकड़ने के लिए विभागीय स्तर पर 32 सदस्यीय टीम तैनात की गई थी। साथ ही वन्य जीव विशेषज्ञ भी लगातार मार्गदर्शन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि 25 ट्रैप कैमरों की मदद से गुलदार की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। इधर, गुलदार के पिंजरे में फंसने के बाद से क्षेत्रीय जनता ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन