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चकरपुर स्टेडियम की जमीन की एवज में जंगलात को धूमाकोट में मिली जमीन
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खटीमा के चकरपुर में स्टेडियम के लिए दी गई वन भूमि की एवज में वन विभाग को अब पौड़ी गढ़वाल के धूमाकोट में तीन हेक्टेयर भूमि मिल गई है। इससे पूर्व पौड़ी के डीएम ने भूमि देने से हाथ खड़े कर दिए थे। इसके बाद चंपावत में वन विभाग के लिए जमीन खोजी जा रही थी लेकिन चंपावत जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई जवाब नहीं आया है।
करीब तीन साल पहले सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खटीमा में मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए चकरपुर में वन भूमि चिह्नित की गई थी। वन भूमि की एवज में वन विभाग को दूसरी जगह जमीन दी जानी थी। खेल विभाग के अधिकारी चकरपुर स्टेडियम के चक्कर से देहरादून व पौड़ी गढ़वाल के चक्कर ही काट रहे हैं। हर बार छोटी-छोटी गलती होने पर खेल विभाग को चकरपुर में स्टेडियम के लिए वन विभाग की भूमि नहीं मिल पा रही है। पूर्व में डिजिटल मैप में अक्षांश और देशांतर डिजिटल मेजरिंग बार्डर में गड़बड़ी पाई गई थी।
उसको ठीक करने के लिए डीएसओ ने देहरादून के आईटी सेल से मदद मांगकर ठीक किया था। लेकिन बाद में पता चला कि पौड़ी में मिली भूमि में पहले से ही पेड़ लगे हुए हैं। इसके बाद ऊधमसिंह नगर डीएम की ओर से चंपावत डीएम को भूमि की मांग के लिए पत्र भेजा। लेकिन अभी तक चंपावत डीएम की ओर से खेल विभाग को पत्र नहीं मिला है। इधर, जिला क्रीड़ाधिकारी (डीएसओ) रशिका सिद्दीकी ने कहा कि पौड़ी के धूमाकोट में वन विभाग की तीन एकड़ की जमीन मिली है। पौड़ी डीएफओ की ओर से पत्र मिलने के बाद खेल विभाग को चकरपुर की भूमि मिल जाएगी।
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तीन हेक्टेयर की भूमि में लगाने होंगे पेड़
रुद्रपुर। अगर धूमाकोट में खेल विभाग को तीन एकड़ जमीन की मंजूरी मिल जाती है तो खेल विभाग की ओर से भूमि में पौधरोपण करना होगा। इसके साथ ही अगले दस साल तक उनकी देखरेख का खर्च भी खेल विभाग को उठाना पड़ेगा। इधर, वर्ष 2017 में शासन की ओर से युवा कल्याण विभाग को चकरपुर मिनी स्टेडियम निर्माण के लिए जिम्मेदारी सौंपी थी लेकिन विभाग ने स्टेडियम के निर्माण से हाथ खड़े कर दिए थे। जिसके बाद खेल विभाग को इसका जिम्मा मिला था।
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करीब तीन साल पहले सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खटीमा में मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए चकरपुर में वन भूमि चिह्नित की गई थी। वन भूमि की एवज में वन विभाग को दूसरी जगह जमीन दी जानी थी। खेल विभाग के अधिकारी चकरपुर स्टेडियम के चक्कर से देहरादून व पौड़ी गढ़वाल के चक्कर ही काट रहे हैं। हर बार छोटी-छोटी गलती होने पर खेल विभाग को चकरपुर में स्टेडियम के लिए वन विभाग की भूमि नहीं मिल पा रही है। पूर्व में डिजिटल मैप में अक्षांश और देशांतर डिजिटल मेजरिंग बार्डर में गड़बड़ी पाई गई थी।
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उसको ठीक करने के लिए डीएसओ ने देहरादून के आईटी सेल से मदद मांगकर ठीक किया था। लेकिन बाद में पता चला कि पौड़ी में मिली भूमि में पहले से ही पेड़ लगे हुए हैं। इसके बाद ऊधमसिंह नगर डीएम की ओर से चंपावत डीएम को भूमि की मांग के लिए पत्र भेजा। लेकिन अभी तक चंपावत डीएम की ओर से खेल विभाग को पत्र नहीं मिला है। इधर, जिला क्रीड़ाधिकारी (डीएसओ) रशिका सिद्दीकी ने कहा कि पौड़ी के धूमाकोट में वन विभाग की तीन एकड़ की जमीन मिली है। पौड़ी डीएफओ की ओर से पत्र मिलने के बाद खेल विभाग को चकरपुर की भूमि मिल जाएगी।
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तीन हेक्टेयर की भूमि में लगाने होंगे पेड़
रुद्रपुर। अगर धूमाकोट में खेल विभाग को तीन एकड़ जमीन की मंजूरी मिल जाती है तो खेल विभाग की ओर से भूमि में पौधरोपण करना होगा। इसके साथ ही अगले दस साल तक उनकी देखरेख का खर्च भी खेल विभाग को उठाना पड़ेगा। इधर, वर्ष 2017 में शासन की ओर से युवा कल्याण विभाग को चकरपुर मिनी स्टेडियम निर्माण के लिए जिम्मेदारी सौंपी थी लेकिन विभाग ने स्टेडियम के निर्माण से हाथ खड़े कर दिए थे। जिसके बाद खेल विभाग को इसका जिम्मा मिला था।