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मौलिक अधिकारों व संरक्षण की दी जानकारी
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विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत राजकीय महाविद्यालय जखोली में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं को भारतीय संविधान में उल्लेखित मौलिक अधिकारों व संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई।
महाविद्यालय परिसर में संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए प्राचार्य डा. माधुरी ने कहा कि 10 दिसंबर वर्ष 1948 को यूनाइटेड नेशन जनरल एसेंबली में मानवाधिकारों पर एक घोषणा पत्र जारी किया गया था। इसके बाद वर्ष 1950 से प्रतिवर्ष 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस मनाया जाने लगा। कहा, कि मानवाधिकार का तात्पर्य समानता, स्वतंत्रता और शिक्षा जैसे उन मौलिक अधिकारों से है, जिन पर सभी आम नागरिकों का हक है। कहा कि अपने अधिकारों के प्रति आमजन को जागरूक होना चाहिए। इस मौके पर राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डा. नंदलाल ने मानवाधिकारों की उपयोगिता और संरक्षण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में शिक्षा ही सर्वोपरि है। इस मौके पर डा. सुभाष कुमार, डा. मीनाक्षी शर्मा, डा. देवेश चंद्र, डा. बबीत कुमार बिहान, डा. सुमित बिजल्वाण, छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप भारती, महासचिव रंजना रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य भूपेंद्र भंडारी समेत अन्य मौजूद थे। इधर, डिग्री कालेज रुद्रप्रयाग और पीजी कॉलेज अगस्त्यमुनि समेत जनपद के अन्य शिक्षण संस्थाओं में भी विश्व मानवाधिकार दिवस के बारे में छात्र-छात्राओं को शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा जानकारी दी गई।
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महाविद्यालय परिसर में संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए प्राचार्य डा. माधुरी ने कहा कि 10 दिसंबर वर्ष 1948 को यूनाइटेड नेशन जनरल एसेंबली में मानवाधिकारों पर एक घोषणा पत्र जारी किया गया था। इसके बाद वर्ष 1950 से प्रतिवर्ष 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस मनाया जाने लगा। कहा, कि मानवाधिकार का तात्पर्य समानता, स्वतंत्रता और शिक्षा जैसे उन मौलिक अधिकारों से है, जिन पर सभी आम नागरिकों का हक है। कहा कि अपने अधिकारों के प्रति आमजन को जागरूक होना चाहिए। इस मौके पर राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डा. नंदलाल ने मानवाधिकारों की उपयोगिता और संरक्षण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में शिक्षा ही सर्वोपरि है। इस मौके पर डा. सुभाष कुमार, डा. मीनाक्षी शर्मा, डा. देवेश चंद्र, डा. बबीत कुमार बिहान, डा. सुमित बिजल्वाण, छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप भारती, महासचिव रंजना रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य भूपेंद्र भंडारी समेत अन्य मौजूद थे। इधर, डिग्री कालेज रुद्रप्रयाग और पीजी कॉलेज अगस्त्यमुनि समेत जनपद के अन्य शिक्षण संस्थाओं में भी विश्व मानवाधिकार दिवस के बारे में छात्र-छात्राओं को शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा जानकारी दी गई।
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