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निर्माण के दो वर्ष बाद भी करोड़ों की पार्किंग नहीं हो पाई हैंडओवर
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जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में पुनाड़ गदेरा पर दो वर्ष पूर्व प्रसाद योजना में 6 करोड़ 48 लाख की लागत से बनी पार्किंग का पूछने वाला कोई नहीं है। नगर पालिका व पर्यटन विभाग जहां पार्किंग को अपनी संपत्ति मानने से इनकार कर रहे हैं। वहीं, संपत्ति किसकी है, इसके बारे में किसी के पास कोई जवाब नहीं हैं।
केंद्र सरकार की प्रसाद योजना में वर्ष 2017-2018 में 6 करोड़ 48 लाख की लागत से नया बस अड्डा से लगे पुनाड़ गदेरा के ऊपर लगभग 100 मीटर लंबी व बीस मीटर चौड़ी पार्किंग का निर्माण किया गया। कार्यदायी संस्था यूपी निर्माण निगम द्वारा लगभग एक वर्ष में पार्किंग का निर्माण पूरा किया गया। पार्किंग में वाहनों के प्रवेश व निकास के लिए दोनों किनारों व गेट बनाए गए हैं। साथ ही चौकीदार के बैठने के लिए कक्ष भी बनें हैं, जो देखरेख के अभाव में क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। पार्किंग किसकी संपत्ति है, इसे लेकर भी पसोपेश की स्थिति बनी है, क्योंकि नगर पालिका व पर्यटन विभाग द्वारा इसे अपनी संपत्ति मानने से इंकार किया जा रहा है। बता दें कि कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण पूरा होने के बाद पार्किंग को पर्यटन विभाग के हैंडओवर किया जाना था। जबकि विभाग द्वारा पार्किंग के संचालन की जिम्मेदारी नपा को सौंपी जानी थी। लेकिन अभी तक यह प्रक्रिया अमल में नहीं लाई गई है, जिस कारण करोड़ों की संपत्ति लावारिश बदहाल हो रही है। बीते वर्ष तत्कालीन जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने पर्यटन विभाग को पार्किंग की जिम्मेदारी नगर पालिका को देने के निर्देश दिए थे। तब, निकाय द्वारा कुछ समय पार्किंग का संचालन भी किया गया। लेकिन अब पालिका ने पार्किंग संचालन का कार्य छोड़ दिया है। ऐसे में अराजक तत्व पार्किंग को नुकसान पहुंचा रहे है। हालात इस कदर हैं कि शाम ढलते हीं यह स्थान शराबियों को अड्डा बन रहा है। व्यापार संघ चंद्रमोहन सेमवाल, सामाजिक कार्यकर्ता एसएन सेमवाल, कांग्रेस महामंत्री शैलेंद्र गोस्वामी ने प्रशासन व पर्यटन विभाग से पार्किंग का संरक्षण कर संचालन की मांग की है।
पूर्व में तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा पर्यटन विभाग को निर्देश दिए थे कि पार्किंग का संचालन नगर पालिका को दिया जाए, उसके बाद विभागीय स्तर पर पार्किंग का जिम्मा नपा को सौंप दिया था। उसके बाद क्या हुआ, इस बारे में जानकारी नहीं हैं।
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---- सुशील नौटियाल, जिला पर्यटन एवं सहासिक खेल अधिकारी, रुद्रप्रयाग
नगर पालिका ने दो साल तक पार्किंग का संचालन किया। लेकिन पर्यटन विभाग द्वारा लिखित रूप से पार्किंग को हैंडओवर नहीं करने पर पार्किंग का संचालन छोड़ दिया गया है। इसके बारे में विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
---- सीमा रावत, ईओ नगर पालिका रुद्रप्रयाग
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केंद्र सरकार की प्रसाद योजना में वर्ष 2017-2018 में 6 करोड़ 48 लाख की लागत से नया बस अड्डा से लगे पुनाड़ गदेरा के ऊपर लगभग 100 मीटर लंबी व बीस मीटर चौड़ी पार्किंग का निर्माण किया गया। कार्यदायी संस्था यूपी निर्माण निगम द्वारा लगभग एक वर्ष में पार्किंग का निर्माण पूरा किया गया। पार्किंग में वाहनों के प्रवेश व निकास के लिए दोनों किनारों व गेट बनाए गए हैं। साथ ही चौकीदार के बैठने के लिए कक्ष भी बनें हैं, जो देखरेख के अभाव में क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। पार्किंग किसकी संपत्ति है, इसे लेकर भी पसोपेश की स्थिति बनी है, क्योंकि नगर पालिका व पर्यटन विभाग द्वारा इसे अपनी संपत्ति मानने से इंकार किया जा रहा है। बता दें कि कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण पूरा होने के बाद पार्किंग को पर्यटन विभाग के हैंडओवर किया जाना था। जबकि विभाग द्वारा पार्किंग के संचालन की जिम्मेदारी नपा को सौंपी जानी थी। लेकिन अभी तक यह प्रक्रिया अमल में नहीं लाई गई है, जिस कारण करोड़ों की संपत्ति लावारिश बदहाल हो रही है। बीते वर्ष तत्कालीन जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने पर्यटन विभाग को पार्किंग की जिम्मेदारी नगर पालिका को देने के निर्देश दिए थे। तब, निकाय द्वारा कुछ समय पार्किंग का संचालन भी किया गया। लेकिन अब पालिका ने पार्किंग संचालन का कार्य छोड़ दिया है। ऐसे में अराजक तत्व पार्किंग को नुकसान पहुंचा रहे है। हालात इस कदर हैं कि शाम ढलते हीं यह स्थान शराबियों को अड्डा बन रहा है। व्यापार संघ चंद्रमोहन सेमवाल, सामाजिक कार्यकर्ता एसएन सेमवाल, कांग्रेस महामंत्री शैलेंद्र गोस्वामी ने प्रशासन व पर्यटन विभाग से पार्किंग का संरक्षण कर संचालन की मांग की है।
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पूर्व में तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा पर्यटन विभाग को निर्देश दिए थे कि पार्किंग का संचालन नगर पालिका को दिया जाए, उसके बाद विभागीय स्तर पर पार्किंग का जिम्मा नपा को सौंप दिया था। उसके बाद क्या हुआ, इस बारे में जानकारी नहीं हैं।
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---- सुशील नौटियाल, जिला पर्यटन एवं सहासिक खेल अधिकारी, रुद्रप्रयाग
नगर पालिका ने दो साल तक पार्किंग का संचालन किया। लेकिन पर्यटन विभाग द्वारा लिखित रूप से पार्किंग को हैंडओवर नहीं करने पर पार्किंग का संचालन छोड़ दिया गया है। इसके बारे में विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
---- सीमा रावत, ईओ नगर पालिका रुद्रप्रयाग