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पपडासू घायल गुलदार का दूसरे दिन भी नहीं लगा सुराग

Mon, 09 Dec 2019 09:45 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 09 Dec 2019 09:45 PM IST
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Guldar fear in Uttarakhand
जखोली ब्लॉक के पपडासू गांव में गुलदार की खोजबीन में जुटे वन विभाग, डीडीआरएफ के कर्मचारी व अन्य ग्? - फोटो : RUDRAPRYAG
जखोली ब्लाक के पपड़ासू में गोली लगने से घायल हुए गुलदार का दूसरे दिन भी कोई पता नहीं लग पाया है। सोमवार को शिकारी जॉय हुकिल के नेतृत्व में वन विभाग और डीडीआरएफ के कर्मचारियों के साथ ही ग्रामीण घटनास्थल से तीन किमी की परिधि में खोजबीन कर चुके हैं। घायल हुए गुलदार के किसी गुफा या चट्टान की ओट में छिपकर दम तोड़ने से लेकर अलकनंदा नदी में गिरने की आशंका भी जताई जा रही हैं।
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बीते शनिवार शाम को शिकारी जॉय हुकिल ने गुलदार पर गोली दागी थी। तब, से अभी तक घायल गुलदार नजर नहीं आया है। पपड़ासू गांव के पीछे की तरफ घना जंगल है, जिससे खोजबीन में खासी दिक्कतें हो रही हैं। साथ ही अन्य जंगली जानवरों के हमले का भी खतरा बना हुआ है। शिकारी हुकिल का कहना है कि जिस तरह से घना जंगल और चट्टानी क्षेत्र है, उसे देखते हुए गंभीर रूप से घायल गुलदार के यहां किसी गुफा नुमा चट्टानों के बीच छुपने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। गोली लगने के बाद गुलदार के पानी पीने के लिए नदी की तरफ दौड़ने की स्थिति में उसके नदी में गिरने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। इधर, सामाजिक कार्यकर्ता मोहित डिमरी, ग्राम प्रधान विमल सिंह, पूर्व प्रधान सोबन सिंह का कहना है कि गुलदार पर गोली लगने की सूचना के बावजूद लोगों का भय दूर नहीं हो पाया है।
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जखोली व अगस्त्यमुनि के गांवों में सक्रिय गुलदार
रुद्रप्रयाग। एक माह से गुलदार जखोली के भरदार क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। यहां सतनी, बांसी व पपडासू में तीन लोगों को वह अपना निवाला भी बना चुका है। इधर, अगस्त्यमुनि ब्लॉक के गिंवाला, गबनी गांव में भी गुलदार की धमक बनी हुई है। यहां शाम होते ही जंगल से लगे खेतों में गुलदार नजर आ रहा है। पुनाड़ व गुलाबराय के ऊपरी तरफ भी कुछ समय से गुलदार की सक्रिय है। यहां, इन दिनों रात होते ही गुलदार के गुर्राने की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
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मासूम समेत चार लोगों की जान ले चुका है गुलदार
रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के अंतर्गत बीते चार वर्षों में नरभक्षी गुलदार मासूम समेत चार लोगों की जान ले चुका है। 8 अगस्त 2015 को जखोली ब्लॉक के पुलन गांव में तीन वर्षीय बच्ची आरुषि को गुलदार घर की सीढ़ियों से उठाकर ले गया था। इस वर्ष गुलदार के हमले में 6 नवंबर को सतनी गांव में 55 वर्षीय मदन सिंह बिष्ट, 8 नवंबर को बांसी गांव में 35 वर्षीय सुधा देवी और बीते 6 दिसंबर को पपडासू गांव में 55 वर्षीय कौशल्या देवी की मौत हो चुकी है। इसके अलावा जनवरी 2018 से अभी तक गुलदार के हमले में 8 लोग घायल हो चुके हैं, जबकि भालू के हमले की 16 घटनाएं हुई हैं।

मुआवजे के दो प्रकरण लंबित
रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के पास जंगली जानवरों से हमले से जुड़े पीड़ित को मुआवजा देने के दो मामले लंबित हैं। डीएफओ वैभव कुमार ने बताया कि बीते 8 नवंबर को बांसी व 6 दिसंबर को पपडासू गांव में गुलदार द्वारा मारे गए दो लोगों को मुआवजे का तीस प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है। शेष 70 फीसदी धनराशि का भुगतान पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद किया जाएगा।
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