रुद्रपुर। लॉकडाउन में जिले के पुष्प काश्तकारों को बाजार उपलब्ध नहीं होने के कारण बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाल यह है कि अब पॉलीहाउस और खेतों में जरबेरा, ग्लेडियोलस, लीलियम सहित अनेक प्रकार की फूल सूख रहे हैं। जिला उद्यान विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक जिले के 32 किसानों को 56 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। दिल्ली की फूल मंडी में पुष्प विपणन करने के लिए जिले में रुद्रपुर, बाजपुर, गदरपुर, काशीपुर और खटीमा के किसान जरबेरा, लीलियम, ग्लाइडोलियस, गुलाब, गेंदा सहित अनेक प्रकार की फूलों की प्रजातियां लगाते हैं। इसके साथ ही कई किसान जमीन को लीज में लेकर भी फूलों की खेती करते हैं। लेकिन, लॉकडाउन होने के कारण दिल्ली की फूल मंडी बंद होने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि लोकल मार्केट भी बंद होने पर फूलों की बिक्री नहीं हो रही है। वहीं लॉकडाउन के चलते शादियां नहीं होने के कारण भी फूलों की बिक्री पर संकट खड़ा हो गया है।
जिला उद्यान अधिकारी हरीश तिवारी ने बताया कि जिले के 32 पुष्प काश्तकारों के 56 लाख रुपये के नुकसान की सूचना शासन को भेजी गई है। इधर, बाजपुर के बलदेव राज ने बताया कि 1300 वर्ग मीटर पॉलीहाउस में फूलों की खेती की थी। दिल्ली फूल मंडी व फूलों को लोकल मार्केट नहीं मिलने पर फूलों की बर्बादी हो रही है। इससे लगभग 33 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। गदरपुर के त्रिलोक कम्बोज ने बताया कि आठ एकड़ की जमीन में ग्लेडियोलस फूल की खेती की थी। होली से पहले चार एकड़ में लगे फूल बेच दिए थे। फिर उसके बाद लॉकडाउन होने पर चार एकड़ फूलों की खेती बर्बाद हो गई