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बजाज कंपनी से हटाए कर्मचारी परिवार संग धरने पर बैठे

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jan 2020 12:10 AM IST
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Employees removed from Bajaj Company sit on dharna with family
रुद्रपुर। सिडकुल की बजाज मोटर कंपनी के 20 कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया है। इससे आक्रोशित कर्मचारियों ने कंपनी के बाहर परिवार के साथ धरना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि यूनियन बनाने के बाद प्रबंधन ने उन्हें बाहर किया गया। चेतावनी दी कि जब तक कंपनी प्रबंधन गेटबंदी वापस नहीं लेता, धरने पर डटे रहेंगे। इधर, कंपनी प्रबंधन ने आरोपों को सिरे से नकारा है।
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सिडकुल सेक्टर 11 में स्थित टाटा और अन्य कंपनियों के लिए छोटे मशीनरी पार्ट्स बनाने वाली बजाज कंपनी से 20 ऑपरेटरों को बाहर कर दिया गया है। सोमवार को कंपनी के बाहर बजाज मोटर कर्मकार यूनियन के बैनर तले बैठे हटाए गए कर्मचारियों ने परिजनों के साथ धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने कहा कि वह करीब 10 वर्ष से कंपनी में कार्यरत हैं। यूनियन के अध्यक्ष चंदन मेवाड़ी ने कहा कि बीते तीन महीने पहले श्रम विभाग में यूनियन बनाने की फाइल दी गई थी। श्रम विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से कंपनी प्रबंधन को यूनियन बनाने का पता चल गया। उसी के बाद से पहले सात कर्मचारियों को कंपनी ने बाहर किया गया। उसके बाद अन्य 13 कर्मचारियों को फर्जी दस्तावेजों में नौकरी करने के नाम पर फंसाकर बाहर कर दिया धरने पर कुंवर कंडारी, विनोद जोशी, हेमचंद्र दुर्गापाल, कृपाल सिंह, गणेश सिंह, नंद किशोर, तारा सिंह, चंद्र देव आदि बैठ्रे।
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प्रबंधन पर लगाए गए आरोप गलत हैं। 15 कर्मचारियों के फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर उन्हें सोकॉज नोटिस दिया गया था और फिर बाहर किया गया है। कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया तीन महीने तक चली थी। - पीसी विश्वकर्मा, एचआर, बजाज कंपनी।
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शिरडी कंपनी ने 80 और कर्मचारियों की छंटनी की
रुद्रपुर। सिडकुल की शिरडी कंपनी के 28 कर्मचारियों को पूर्व में बाहर का रास्ता दिखाने के बाद सोमवार को कंपनी प्रबंधन ने 80 और कर्मचारियों की छंटनी कर दी। इससे आक्रोशित कर्मचारियों ने उपश्रमायुक्त कार्यालय में पहुंचकर प्रदर्शन किया। इधर, आंबेडकर पार्क में शिरडी कंपनी से पूर्व में निकाले गए कर्मचारियों का धरना 21वें दिन भी जारी रहा।

कर्मचारियों का आरोप है कि 31 दिसंबर को 28 कर्मचारियों की छंटनी करने के बाद सोमवार को कंपनी प्रबंधन ने 80 और कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। कहा कि संगठन ने कंपनी प्रबंधन, डीएम और एसएसपी को हड़ताल पर जाने का नोटिस दिया है। कहा कि 2014 से वर्तमान तक सभी कर्मचारियों की पीएफ कार्यालय में कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों की वार्ता हुई लेकिन समाधान नहीं निकला। वहां अध्यक्ष मनोज जोशी, आनंद नेगी, पूरन सिंह राणा, राम गोपाल, महेंद्र पाल, पूरन पांडे, लक्ष्मण सिंह, दान सिंह, हरीश जोशी, नवीन कापड़ी आदि थे। इधर, कंपनी एचआर हेड अजय तिवारी ने कहा कि 80 कर्मचारियों की छंटनी नहीं बल्कि उन्हें ले-ऑफ दिया गया है। ले-ऑफ में कर्मचारियों को घर बैठे आधी सैलरी मिलती है। प्रोडक्शन में डिमांड नहीं मिलने पर एक या डेढ़ महीने के लिए कर्मचारियों को ले-ऑफ दिया गया है।
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