{"_id":"6aca2b965033a767d40352c9","slug":"dust-causing-increasing-trouble-for-people-in-agastyamuni-rudraprayag-news-c-52-1-vkn1009-121502-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rudraprayag News: अगस्त्यमुनि में धूल से बढ़ रही लोगों की परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rudraprayag News: अगस्त्यमुनि में धूल से बढ़ रही लोगों की परेशानी
Sat, 10 Oct 2026 05:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Sat, 10 Oct 2026 05:42 PM IST
विज्ञापन
बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर पड़ रहा है भारी
अगस्त्यमुनि। नगर पंचायत के बाजार में उड़ रही धूल से परेशान स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ रही है। यह धूल बच्चों व बुजुर्गों की सेहत के खतरा बन रही है। लोगों संबंधित विभाग से सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव कराने की मांग की है।
लोगों ने कहा कि वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल दुकानों के भीतर तक पहुंच रही है। इससे जहां व्यापारियों का सामान खराब हो रहा है, वहीं बाजार आने वाले बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। धूल से बचने के लिए लोगों को मास्क का सहारा लेना पड़ रहा है।
व्यापारी कमलेश जमलोकी ने बताया कि सड़क पर वाहनों के चलने से धूल उड़कर दुकानों के अंदर तक पहुंच रही है। इससे दुकान में रखे सामान के खराब होने का खतरा बना रहता है। धूल को रोकने के लिए उन्हें दुकान के आगे प्लास्टिक लगानी पड़ रही है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी जसोदा डोभाल ने बताया कि बाजार में धूल अधिक होने के कारण उन्हें मास्क पहनकर आना पड़ रहा है। पहले धूल से राहत दिलाने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाता था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमा असवाल ने बताया कि धूल के संपर्क में आने से छोटे बच्चों में एलर्जी संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, दमा जैसी सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित बुजुर्गों के लिए धूल अधिक नुकसानदायक हो सकती है। उन्होंने धूल से बचाव के लिए मास्क पहनकर आवाजाही करने की सलाह दी।
विज्ञापन
अगस्त्यमुनि। नगर पंचायत के बाजार में उड़ रही धूल से परेशान स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ रही है। यह धूल बच्चों व बुजुर्गों की सेहत के खतरा बन रही है। लोगों संबंधित विभाग से सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव कराने की मांग की है।
लोगों ने कहा कि वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल दुकानों के भीतर तक पहुंच रही है। इससे जहां व्यापारियों का सामान खराब हो रहा है, वहीं बाजार आने वाले बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। धूल से बचने के लिए लोगों को मास्क का सहारा लेना पड़ रहा है।
विज्ञापन
व्यापारी कमलेश जमलोकी ने बताया कि सड़क पर वाहनों के चलने से धूल उड़कर दुकानों के अंदर तक पहुंच रही है। इससे दुकान में रखे सामान के खराब होने का खतरा बना रहता है। धूल को रोकने के लिए उन्हें दुकान के आगे प्लास्टिक लगानी पड़ रही है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी जसोदा डोभाल ने बताया कि बाजार में धूल अधिक होने के कारण उन्हें मास्क पहनकर आना पड़ रहा है। पहले धूल से राहत दिलाने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाता था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमा असवाल ने बताया कि धूल के संपर्क में आने से छोटे बच्चों में एलर्जी संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, दमा जैसी सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित बुजुर्गों के लिए धूल अधिक नुकसानदायक हो सकती है। उन्होंने धूल से बचाव के लिए मास्क पहनकर आवाजाही करने की सलाह दी।