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केदारनाथ डोली प्रस्थान को लेकर दो दिन में होगा निर्णय: रावल
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पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से भगवान केदारनाथ की चल उत्सव विग्रह डोली के धाम प्रस्थान को लेकर कोई निर्णय नहीं हो पाया। अब अगले दो दिनों में रावल भीमाशंकर लिंग प्रशासन से वार्ता कर अंतिम निर्णय देंगे, जिसके आधार पर डोली तय तिथि पर धाम प्रस्थान करेगी।
ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में जनप्रतिनिधि, प्रशासन, देवस्थानम बोर्ड, हक-हकूकधारी व तीर्थ पुरोहितों की संयुक्त बैठक हुई। इस मौके पर केदारनाथ विस के विधायक मनोज रावत ने कहा कि परंपराओं को बचाने के साथ ही वैश्विक महामारी कोरोना से मानव जीवन को बचाना भी सर्वोपरि है। इसलिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर डोली सड़क मार्ग से हो या पैदल का निर्णय लिया जाए। इस मौके पर अधिकांश तीर्थपुरोहितों को कहना था कि पूर्व परंपराओं के तहत ही केदारनाथ की डोली पैदल मार्ग से धाम पहुंचाई जाए। जिससे लोग अपने घरों से ही डोली के दर्शन कर पाएं। वहीं, एसडीएम जितेंद्र वर्मा व तहसीलदार जयवीर राम बधाणी ने कहा कि जिम्मेदार प्रतिनिधि लिखित रूप से डोली प्रस्थान को लेकर अपनी जिम्मेदारी लेते हैं, तो प्रशासन कोई निर्णय ले सकता है। अन्यथा, सभी की सहमति से ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में डोली प्रस्थान को लेकर आम सहमति न बनने पर केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग ने कहा कि वे दो दिन के भीतर स्वयं तहसील प्रशासन से विचार-विमर्श कर डोली प्रस्थान को लेकर अंतिम रूप देंगे। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष विजय राणा, देवस्थानम बोर्ड के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी, थानाध्यक्ष नवीन थलेड़ी, केदार सभा अध्यक्ष विनोद शुक्ला, वयोवृद्ध तीर्थपुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, पूर्व प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, राजकुमार तिवारी, रणजीत रावत, संतोष त्रिवेदी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल, देवी तिवारी आदि थे।
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ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में जनप्रतिनिधि, प्रशासन, देवस्थानम बोर्ड, हक-हकूकधारी व तीर्थ पुरोहितों की संयुक्त बैठक हुई। इस मौके पर केदारनाथ विस के विधायक मनोज रावत ने कहा कि परंपराओं को बचाने के साथ ही वैश्विक महामारी कोरोना से मानव जीवन को बचाना भी सर्वोपरि है। इसलिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर डोली सड़क मार्ग से हो या पैदल का निर्णय लिया जाए। इस मौके पर अधिकांश तीर्थपुरोहितों को कहना था कि पूर्व परंपराओं के तहत ही केदारनाथ की डोली पैदल मार्ग से धाम पहुंचाई जाए। जिससे लोग अपने घरों से ही डोली के दर्शन कर पाएं। वहीं, एसडीएम जितेंद्र वर्मा व तहसीलदार जयवीर राम बधाणी ने कहा कि जिम्मेदार प्रतिनिधि लिखित रूप से डोली प्रस्थान को लेकर अपनी जिम्मेदारी लेते हैं, तो प्रशासन कोई निर्णय ले सकता है। अन्यथा, सभी की सहमति से ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में डोली प्रस्थान को लेकर आम सहमति न बनने पर केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग ने कहा कि वे दो दिन के भीतर स्वयं तहसील प्रशासन से विचार-विमर्श कर डोली प्रस्थान को लेकर अंतिम रूप देंगे। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष विजय राणा, देवस्थानम बोर्ड के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी, थानाध्यक्ष नवीन थलेड़ी, केदार सभा अध्यक्ष विनोद शुक्ला, वयोवृद्ध तीर्थपुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, पूर्व प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, राजकुमार तिवारी, रणजीत रावत, संतोष त्रिवेदी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल, देवी तिवारी आदि थे।
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