फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   शौचालय निर्माण में धांधली पर पीडी व प्रधान सहित पांच को कोर्ट ने भेजा नोटिस

शौचालय निर्माण में धांधली पर पीडी व प्रधान सहित पांच को कोर्ट ने भेजा नोटिस

Fri, 24 Nov 2017 10:38 PM IST
Updated Fri, 24 Nov 2017 10:38 PM IST
विज्ञापन
शौचालय निर्माण में धांधली पर पीडी व प्रधान सहित पांच को कोर्ट ने भेजा नोटिस

विज्ञापन
रुद्रप्रयाग। जखोली ब्लाक की ग्राम पंचायत ढौंडा में शौचालय निर्माण में अनियमितता के मामले में स्वजल के तत्कालीन परियोजना प्रबंधक और ग्राम प्रधान सहित पांच लोगों को सीजेएम कोर्ट ने नोटिस भेजा है।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने विगत 20 अगस्त को ग्राम पंचायत ढौड़ा का निरीक्षण किया था। तब वहां 79 परिवारों में से मात्र 29 के यहां ही शौचालय बने मिले। 31 परिवारों के बारे में ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। ये परिवार गांव में पाए ही नहीं गए। इस दौरान ग्रामीणों ने भी ग्राम प्रधान पर शौचालय निर्माण के लिए सुविधा शुल्क लेने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि पहली किश्त के रूप में मिली छह हजार रुपये की धनराशि में से प्रधान ने उन्हें 5-5 हजार ही दिए। मामले में डीएम ने ग्राम प्रधान सहित स्वजल के अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा था। बाद में प्रशासनिक स्तर पर जांच की गई, जिसमें गांव में शौचालय निर्माण के एमओयू के अनुरूप कार्य नहीं होने और सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत सही पाई गई। मामले में प्रशासन ने स्वजल के तत्कालीन परियोजना प्रबंधक, लेखाकार, स्वच्छता समन्वयक, ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधान के खिलाफ सीजीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया था। डीएम ने बताया कि एमओयू का उल्लंघन गंभीर लापरवाही है, जो सिविल क्राइम के दायरे में आता है। इधर, स्वजल परियोजना प्रबंधक एनएस रावत ने बताया कि कोर्ट की कार्रवाई पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन


अन्य गांवों में पकड़ी अनियमितता
रुद्रप्रयाग। स्वजल और मनरेगा के तहत शौचालय निर्माण को लेकर विकासखंड जखोली की ग्राम पंचायत त्युंखर, पौंठी और अगस्त्यमुनि के नागजई, भुनका में भी अनियमितता पाई गई है। अधिकारियों ने गांवों का भ्रमण कर पाया कि वहां शौचालय निर्माण में वित्तीय धांधली हुई है। एमओयू में कई ऐसे परिवारों को भी शामिल किया गया है, जिनके पूर्व मेें शौचालय बने हुए हैं। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन



के विरुद्ध प्रशासन ने सीजीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। अब, न्यायालय ने इन लोगों को नोटिस भेजा है, जिससे हड़कंप मचा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed