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बारिश होते ही तालाब बन जाते हैं घरों के आंगन
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रुद्रपुर के प्रीत विहार में गढ्डों में भरा पानी।
- फोटो : RUDRAPUR
नगर निगम के परिसीमन के बाद शहरी क्षेत्र में शामिल प्रीत विहार वार्ड नंबर एक के लोग बरसात में जलभराव की समस्या से परेशान हैं। क्षेत्र में नालियां न होने से बारिश में घरों के आंगन तालाब बन जाते हैं। क्षेत्रवासियों की शिकायतों के बावजूद निगम की ओर से इस समस्या का समाधान नहीं किया जा सका था।
रामपुर रोड से लगी फाजलपुर महरौला ग्रामसभा को दो साल पहले नगर निगम में शामिल कर लिया गया था। तब लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें शहर की तरह सभी प्रकार की सुविधाएं मिलेंगी। वर्षों से क्षतिग्रस्त सड़क की दशा सुधरेगी और बारिश में जलभराव की समस्या से भी मुक्ति मिल जाएगी। लेकिन कईं समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। वार्ड में विकास के नाम पर चंद सड़कों का निर्माण कार्य तो हुआ है लेकिन जलभराव की सबसे बड़ी समस्या आज भी जस की तस है।
बरसात में घरों से बाहर निकलना दिक्कतों भरा है। अपने घर के आंगनों में बच्चों के खेलने पर पानी में डूबने जैसी अनहोनी का खतरा सताता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कुछ स्थानों पर तो चार-पांच दिन बाद कूड़े की गाड़ियां कूड़ा लेने के लिए पहुंचती है।
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- अपेक्षा के अनुसार नगर निगम की ओर से अब तक कोई सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। बरसात में जलभराव होने से घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। वर्षों से जो सुविधा मिली हैं, उन्हीं के सहारे जिंदगी कट रही है। राजन ठुकराल।
- बारिश होते ही घरों के आंगनों में पानी भर जाता है। जल निकासी के लिए दर्जनों बार वार्ड मेंबर को कहा जा चुका है। मूलभूत समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बारिश अधिक हुई तो जलभराव की समस्या और अधिक होगी। गीता गुप्ता
- हमारे वार्ड में सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा था लेकिन लॉकडाउन के बाद उसका भी काम बंद कर दिया गया है। सड़क पर पत्थर और बजरी के बिखरने से हादसे का खतरा बना है। जलभराव की समस्या तो बहुत पुरानी है। इदरीश अंसारी।
- घर के आगे से गुजरने वाली सड़क से डामर उधड़ चुका है। नगर निगम में शामिल होने के बाद सड़क, जलभराव की समस्या ने राहत मिलने की उम्मीद जगी थी लेकिन आज तक कोई खास सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। विभा देवी।
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रामपुर रोड से लगी फाजलपुर महरौला ग्रामसभा को दो साल पहले नगर निगम में शामिल कर लिया गया था। तब लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें शहर की तरह सभी प्रकार की सुविधाएं मिलेंगी। वर्षों से क्षतिग्रस्त सड़क की दशा सुधरेगी और बारिश में जलभराव की समस्या से भी मुक्ति मिल जाएगी। लेकिन कईं समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। वार्ड में विकास के नाम पर चंद सड़कों का निर्माण कार्य तो हुआ है लेकिन जलभराव की सबसे बड़ी समस्या आज भी जस की तस है।
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बरसात में घरों से बाहर निकलना दिक्कतों भरा है। अपने घर के आंगनों में बच्चों के खेलने पर पानी में डूबने जैसी अनहोनी का खतरा सताता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कुछ स्थानों पर तो चार-पांच दिन बाद कूड़े की गाड़ियां कूड़ा लेने के लिए पहुंचती है।
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- अपेक्षा के अनुसार नगर निगम की ओर से अब तक कोई सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। बरसात में जलभराव होने से घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। वर्षों से जो सुविधा मिली हैं, उन्हीं के सहारे जिंदगी कट रही है। राजन ठुकराल।
- बारिश होते ही घरों के आंगनों में पानी भर जाता है। जल निकासी के लिए दर्जनों बार वार्ड मेंबर को कहा जा चुका है। मूलभूत समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बारिश अधिक हुई तो जलभराव की समस्या और अधिक होगी। गीता गुप्ता
- हमारे वार्ड में सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा था लेकिन लॉकडाउन के बाद उसका भी काम बंद कर दिया गया है। सड़क पर पत्थर और बजरी के बिखरने से हादसे का खतरा बना है। जलभराव की समस्या तो बहुत पुरानी है। इदरीश अंसारी।
- घर के आगे से गुजरने वाली सड़क से डामर उधड़ चुका है। नगर निगम में शामिल होने के बाद सड़क, जलभराव की समस्या ने राहत मिलने की उम्मीद जगी थी लेकिन आज तक कोई खास सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। विभा देवी।