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नगर पंचायत अध्यक्ष सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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नगर पंचायत अगस्त्यमुनि में टैक्सी मोहरिर (टैक्स वसूली कर्मचारी) की आत्महत्या के मामले में नगर पंचायत अध्यक्ष सहित तीन लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दिया है। जल्द ही इन लोगों से पूछताछ कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को मृतक हर्षवर्धन सिंह रावत के भाई प्रदीप सिंह रावत ने अगस्त्यमुनि थाना में नगर पंचायत अध्यक्ष, उनके पति और अधिशासी अधिकारी के खिलाफ नामजद तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर नपं अध्यक्ष अरुणा बेंजवाल, उनके पति रमेश बेंजवाल और अधिशासी अधिकारी वीरेंद्र पंवार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 में मुकदमा दर्ज किया। इधर, शनिवार को मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी मिल गई है, जिसमें मौत का कारण फंसी पाया गया है। थानाध्यक्ष राजीव चौहान ने बताया कि तहरीर के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द ही उनसे मामले को लेकर पूछताछ की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इधर, नगर पंचायत के ईओ वीरेंद्र पंवार ने बताया कि उन्हें स्वयं भी समझ में नहीं आ रहा है कि मृतक ने सुसाइड नोट में उनका नाम क्यों लिखा। पिछले तीन महीनों में कभी भी किसी भी विषय पर हर्षवर्धन रावत से उनकी कोई बात नहीं हुई, जिससे इस तरह की स्थितियां पैदा हों। वहीं, नपं अध्यक्ष अरुणा बेंजवाल और उनके पति रमेश बेंजवाल का कहना है कि पुलिस को मामले में निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। हमारी संवेदना पहले भी हर्षवर्धन रावत के साथ थी और आज भी उसके परिवार के प्रति पूरा सहयोग पूर्ण रवैया है।
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बता दें कि बीते शुक्रवार को नगर पंचायत में संविदा में कार्यरत टैक्स वसूली कर्मचारी का शव संदिग्ध परिस्थिति में कूड़ा कॉम्प्रेसिव मशीन में फंदे से लटका मिला था। इस दौरान मृतक के पास से चार पेज का सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें उसने नगर पंचायत अध्यक्ष, उनके पति और ईओ पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था।
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शनिवार को मृतक हर्षवर्धन सिंह रावत के भाई प्रदीप सिंह रावत ने अगस्त्यमुनि थाना में नगर पंचायत अध्यक्ष, उनके पति और अधिशासी अधिकारी के खिलाफ नामजद तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर नपं अध्यक्ष अरुणा बेंजवाल, उनके पति रमेश बेंजवाल और अधिशासी अधिकारी वीरेंद्र पंवार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 में मुकदमा दर्ज किया। इधर, शनिवार को मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी मिल गई है, जिसमें मौत का कारण फंसी पाया गया है। थानाध्यक्ष राजीव चौहान ने बताया कि तहरीर के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द ही उनसे मामले को लेकर पूछताछ की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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इधर, नगर पंचायत के ईओ वीरेंद्र पंवार ने बताया कि उन्हें स्वयं भी समझ में नहीं आ रहा है कि मृतक ने सुसाइड नोट में उनका नाम क्यों लिखा। पिछले तीन महीनों में कभी भी किसी भी विषय पर हर्षवर्धन रावत से उनकी कोई बात नहीं हुई, जिससे इस तरह की स्थितियां पैदा हों। वहीं, नपं अध्यक्ष अरुणा बेंजवाल और उनके पति रमेश बेंजवाल का कहना है कि पुलिस को मामले में निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। हमारी संवेदना पहले भी हर्षवर्धन रावत के साथ थी और आज भी उसके परिवार के प्रति पूरा सहयोग पूर्ण रवैया है।
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बता दें कि बीते शुक्रवार को नगर पंचायत में संविदा में कार्यरत टैक्स वसूली कर्मचारी का शव संदिग्ध परिस्थिति में कूड़ा कॉम्प्रेसिव मशीन में फंदे से लटका मिला था। इस दौरान मृतक के पास से चार पेज का सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें उसने नगर पंचायत अध्यक्ष, उनके पति और ईओ पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था।