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दिव्यांग मतदाताओं को कैडेट पहुंचाएंगे बूथ तक
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Wed, 11 Jan 2017 09:45 PM IST
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दिव्यांगों को मतदान बूथ तक लाने में एनसीसी और एनएसस कैडेट अहम भूमिका होगी। इनकी मदद से दिव्यांग अपने मतदान का प्रयोग कर केदारनाथ व रुद्रप्रयाग विधानसभा से विधायक चुनने में भूमिका निभाएंगे।
दिव्यांगों के लिए जिला प्रशासन ने योजना बनाई हैं। दिव्यांग मतदाताओं को पोलिंग बूथ पर लाने और वोट देने के बाद घर भेजने की जिम्मेदारी शिक्षा, समाज कल्याण व सैनिक कल्याण विभाग के साथ एनसीसी व एनएसएस के स्वयंसेवियों को दी गई है। जिले में 1748 दिव्यांग मतदाता 15 फरवरी को अपने निकट के पोलिंग बूथ पर मतदान करेंगे।
इस दौरान प्रशासन यह भी नजर रखेगा कि चिन्हित दिव्यांग मतदाताओं में कितनों ने वोट दिया और कितने वंचित रह गए। जो पोलिंग बूथ तक नहीं पहुंच पाए और वे किन कारणों से नहीं पहुंचे। इसका जवाब संबंधित अधिकारियों को देना होगा। प्रशासन ने चुनाव में जिले में 80 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा है। ऐसे में दिव्यांग वोटर को मतदान केंद्र तक लाने व ले जाने वालों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है।
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जिले में दिव्यांग वोटर चिन्हित किए जा रहे हैं। वे भी अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को मजबूत बनाएं, इसके लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। इसके लिए विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पूरे कार्य के निरीक्षण के लिए भी अलग से अधिकारी नामित किए जाएंगे।
रंजना, जिला निर्वाचन/जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग।
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दिव्यांगों के लिए जिला प्रशासन ने योजना बनाई हैं। दिव्यांग मतदाताओं को पोलिंग बूथ पर लाने और वोट देने के बाद घर भेजने की जिम्मेदारी शिक्षा, समाज कल्याण व सैनिक कल्याण विभाग के साथ एनसीसी व एनएसएस के स्वयंसेवियों को दी गई है। जिले में 1748 दिव्यांग मतदाता 15 फरवरी को अपने निकट के पोलिंग बूथ पर मतदान करेंगे।
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इस दौरान प्रशासन यह भी नजर रखेगा कि चिन्हित दिव्यांग मतदाताओं में कितनों ने वोट दिया और कितने वंचित रह गए। जो पोलिंग बूथ तक नहीं पहुंच पाए और वे किन कारणों से नहीं पहुंचे। इसका जवाब संबंधित अधिकारियों को देना होगा। प्रशासन ने चुनाव में जिले में 80 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा है। ऐसे में दिव्यांग वोटर को मतदान केंद्र तक लाने व ले जाने वालों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है।
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जिले में दिव्यांग वोटर चिन्हित किए जा रहे हैं। वे भी अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को मजबूत बनाएं, इसके लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। इसके लिए विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पूरे कार्य के निरीक्षण के लिए भी अलग से अधिकारी नामित किए जाएंगे।
रंजना, जिला निर्वाचन/जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग।