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Rudraprayag News: खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए स्कूल स्तर विकसित हो बेहतर खेल ढांचा
Wed, 22 Jan 2025 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Wed, 22 Jan 2025 11:02 PM IST
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रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लॉक के बच्छणस्यूं पट्टी के राजकीय इंटर कॉलेज खेड़ाखाल-नवासू के छात्र सुजल कुमार का तेलंगाना से राष्ट्रीय विद्यालय हैंडबाल प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। सुजल ने कहा कि उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है कि विद्यालय स्तर पर खेलों के विकास के लिए बेहतर ढांचा तैयार किया जाए। साथ ही ग्राम स्तर पर खेल मैदान विकसित किए जाए, जिससे खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास का मौका मिल सके।
कक्षा 10वीं के छात्र सुजल कुमार की टीम ने 10 से 14 जनवरी तक आयोजित हुई राष्ट्रीय हैंडबाल प्रतियोगिता में तीन मैच खेले। इस दौरान टीम ने एक मैच में जीत दर्ज की और एक में उन्हें हार का सामना करना। तीसरा मैच टाई रहा। सुजल का कहना है कि, हमारी टीम में जितने खिलाड़ी थे, सबने पहली बार हैंडबाल खेला था। पहले तो डर लग रहा था, पर जब मैदान में खेलना शुरू किया तो आत्मविश्वास बढ़ता गया।
कंकड़-पत्थर वाले मैदान पर किया अभ्यास
रुद्रप्रयाग। जीआईसी खेड़ाखाल का अपना खेल मैदान नहीं है। विद्यालय से आधा किमी दूर एक आधा-अधूरे मैदान में व्यायाम शिक्षक प्रभात सिंह पुंडीर खिलाड़ियों को अभ्यास कराते हैं। एथलेटिक्स सहित खेल स्पर्धाओं के लिए वह निरंतर स्कूल स्तर पर प्रतिभाएं निखारने में जुटे हुए हैं। सुजल कुमार ने भी इसी कंकड़-पत्थर वाले मैदान पर हैंडबाल का अभ्यास किया।
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कक्षा 10वीं के छात्र सुजल कुमार की टीम ने 10 से 14 जनवरी तक आयोजित हुई राष्ट्रीय हैंडबाल प्रतियोगिता में तीन मैच खेले। इस दौरान टीम ने एक मैच में जीत दर्ज की और एक में उन्हें हार का सामना करना। तीसरा मैच टाई रहा। सुजल का कहना है कि, हमारी टीम में जितने खिलाड़ी थे, सबने पहली बार हैंडबाल खेला था। पहले तो डर लग रहा था, पर जब मैदान में खेलना शुरू किया तो आत्मविश्वास बढ़ता गया।
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कंकड़-पत्थर वाले मैदान पर किया अभ्यास
रुद्रप्रयाग। जीआईसी खेड़ाखाल का अपना खेल मैदान नहीं है। विद्यालय से आधा किमी दूर एक आधा-अधूरे मैदान में व्यायाम शिक्षक प्रभात सिंह पुंडीर खिलाड़ियों को अभ्यास कराते हैं। एथलेटिक्स सहित खेल स्पर्धाओं के लिए वह निरंतर स्कूल स्तर पर प्रतिभाएं निखारने में जुटे हुए हैं। सुजल कुमार ने भी इसी कंकड़-पत्थर वाले मैदान पर हैंडबाल का अभ्यास किया।
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