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तीन साल बाद सिग्नल देने लगी डीडी चौक की ट्रैफिक लाइट
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रुद्रपुर। शहर के प्रमुख चौराहे डीडी चौक पर तीन साल से बंद पड़ी ट्रैफिक लाइटों ने सिग्नल देना शुरू कर दिया है। नोएडा से आई टीम ने लाइटों में आई तकनीकी खामी को दूर किया और फिर चौराहे पर वाहन सिग्नल के इशारे पर रुकने-दौड़ने लगे। हालांकि शहर के इंदिरा चौक, गाबा चौक के अलावा काशीपुर में बंद पड़ी ट्रैफिक लाइटों को दुरुस्त करने में अधिक खर्च आने के चलते फिलहाल हाथ खींच लिए गए हैं। दुर्घटना संभावित खतरनाक जगहों को चिह्नित कर ब्लिंकर्स लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
दरअसल वर्ष 2012 में तत्कालीन पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा ने प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगाने के लिए 28 लाख का बजट जारी किया था। नोएडा की एक कंपनी से डीडी चौक सहित तीन चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगवाई गई थीं लेकिन चौराहों के सौंदर्यीकरण और अन्य कार्यों के चलते तकनीकी फॉल्ट की वजह से ट्रैफिक लाइटें बंद हो गई थीं। इसके बाद बीच-बीच में ट्रैफिक लाइटें ठीक कराई गईं लेकिन कुछ समय चलने के बाद फिर ट्रैफिक लाइटें बंद हो गई थी। इसके अलावा काशीपुर में भी चीमा चौराहा सहित अन्य जगहों पर लगाई गई लाइटें भी खराब हो चुकी हैं। इन चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ट्रैफिक पुलिस कर्मी के साथ ही होमगार्ड तैनात किए गए हैं। यातायात निदेशालय से बजट मिलने के बाद लाइटों को ठीक करने के लिए पिछले महीने सर्वे कराया गया था। इसके बाद विभाग के निर्देश पर कंपनी की तकनीकी टीम ने डीडी चौक की लाइटों में आई तकनीकी खामी को दूर कर दिया। हालांकि बजट की कमी के चलते अन्य लाइटों को ठीक नहीं कराया गया है।
एसपी क्राइम प्रमोद कुमार ने कहा कि रुद्रपुर की इंद्रा चौक, गाबा चौक और काशीपुर में लगी लाइटों को ठीक करने में भारी भरकम खर्चा आ रहा है। इन जगहों पर फ्लाईओवर और अन्य निर्माण भी होने हैं। लिहाजा अभी सिर्फ डीडी चौक की लाइटों को ही ठीक कराया गया है। काशीपुर में दुर्घटना संभावित तीन जगहों को ब्लिंकर्स लगाने के लिए चिह्नित किया गया है। ब्लिंकर्स लगाने का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
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दरअसल वर्ष 2012 में तत्कालीन पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा ने प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगाने के लिए 28 लाख का बजट जारी किया था। नोएडा की एक कंपनी से डीडी चौक सहित तीन चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगवाई गई थीं लेकिन चौराहों के सौंदर्यीकरण और अन्य कार्यों के चलते तकनीकी फॉल्ट की वजह से ट्रैफिक लाइटें बंद हो गई थीं। इसके बाद बीच-बीच में ट्रैफिक लाइटें ठीक कराई गईं लेकिन कुछ समय चलने के बाद फिर ट्रैफिक लाइटें बंद हो गई थी। इसके अलावा काशीपुर में भी चीमा चौराहा सहित अन्य जगहों पर लगाई गई लाइटें भी खराब हो चुकी हैं। इन चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ट्रैफिक पुलिस कर्मी के साथ ही होमगार्ड तैनात किए गए हैं। यातायात निदेशालय से बजट मिलने के बाद लाइटों को ठीक करने के लिए पिछले महीने सर्वे कराया गया था। इसके बाद विभाग के निर्देश पर कंपनी की तकनीकी टीम ने डीडी चौक की लाइटों में आई तकनीकी खामी को दूर कर दिया। हालांकि बजट की कमी के चलते अन्य लाइटों को ठीक नहीं कराया गया है।
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एसपी क्राइम प्रमोद कुमार ने कहा कि रुद्रपुर की इंद्रा चौक, गाबा चौक और काशीपुर में लगी लाइटों को ठीक करने में भारी भरकम खर्चा आ रहा है। इन जगहों पर फ्लाईओवर और अन्य निर्माण भी होने हैं। लिहाजा अभी सिर्फ डीडी चौक की लाइटों को ही ठीक कराया गया है। काशीपुर में दुर्घटना संभावित तीन जगहों को ब्लिंकर्स लगाने के लिए चिह्नित किया गया है। ब्लिंकर्स लगाने का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
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