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पंतनगर थाने से फरार हुआ ठगी का आरोपी
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पंतनगर थाने से फरार ठगी का आरोपी।
- फोटो : RUDRAPUR
पंतनगर। विवि में फर्जी नियुक्ति के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाला आरोपी सोमवार देर रात पंतनगर थाने से फरार हो गया। आनन फानन क्षेत्र में चेकिंग समेत पुलिस टीमें गठित कर आरोपी की मौजूदगी के संभावित ठिकानों रुद्रपुर, हल्द्वानी व अल्मोड़ा में दबिश भी दे रही हैं। वहीं, एसएसपी ने मामले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के मामले में दो कांस्टेबलों वीरेंद्र और गणेश को सस्पेंड कर दिया है।
सोमवार को धारचूला निवासी अक्षय कुमार ओली अपने साथ अल्मोड़ा के बयारी गांव निवासी विनोद कुमार पांडे को लेकर पंतनगर विवि के सुरक्षा विभाग पहुंचा था। वहां उसने सुरक्षा अधिकारी को बताया कि विनोद ने उससे पंत विवि में पुस्तकालय सहायक पद पर नियुक्ति के लिए 1.26 लाख रुपये लिए थे। विनोद ने उसे फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया था। कुछ दिन बाद नियुक्ति पत्र के फर्जी होने का पता चलते ही उसने विनोद से अपनी दी गई रकम वापस मांगी।
तीन माह में विनोद ने उसको 56 हजार रुपये वापस भी किए। शेष 70 हजार रुपये देने के लिए विनोद ने उसे सोमवार को उसे पंतनगर बुलाया था। सोमवार को उसके पंतनगर पहुंचने पर विनोद ने पैसों को बाद में देने या जल्द ही पंतनगर विवि में नियुक्ति दिलवाने की बात कही। इन्हीं पैसों को देने में आनाकानी के बाद मामला विवि के सुरक्षा विभाग पहुंचा था।
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कुलपति डॉ, तेज प्रताप के निर्देश पर सुरक्षाधिकारी आरसी जोशी ने विनोद कुमार पांडे को पकड़ कर पुलिस के हवाले करते हुए उसके खिलाफ तहरीर सौंपी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और विनोद को हिरासत में लेकर देर रात पूछताछ कर रही थी। इसी बीच वह पानी पीने का बहाना बना कर फरार हो गया। वहीं, एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने मामले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के मामले में दो कांस्टेबलों वीरेंद्र और गणेश को सस्पेंड कर दिया है।
विवि में नियुक्ति के नाम पर कइयों को ठगा
पंतनगर। विवि में फर्जी तरीके से नियुक्ति दिलाने के नाम पर ठगी का समाचार छपने के बाद विनोद की ठगी के शिकार नौ अन्य लोग भी सामने आए हैं। मंगलवार को पंतनगर थाने पहुंचे सात युवाओं और दो युवतियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विनोद पांडे ने उनसे भी जूनियर असिस्टेंट, लैब असिस्टेंट आदि पदों पर नियुक्ति लिए उनसे एक से डेढ़ लाख रुपये तक लिए थे। ये सभी लोग मॉल और अन्य कंपनियों में छोटे-मोटे काम कर अपनी आजीविका चलाते हैं। अब वह चाहते हैं कि उनसे ठगी गई रकम विनोद से उन्हें वापस दिलाई जाए।
पंतनगर थाना प्रभारी देर रात ठगी के आरोपी से पूछताछ कर रहे थे। इसी बीच वह पानी पीने का बहाना कर बाहर निकला और देर तक लौट कर नहीं आया। तत्काल वाहनों की चेकिंग कराई गई साथ ही पुलिस टीमें गठित कर आरोपी के संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही है। जल्द आरोपी गिरफ्त में होगा। आरोपी के फरार होने संबंधी मामले की जांच करा कर दोषी कर्मियों पर कार्यवाही की जाएगी। - बरिंदरजीत सिंह, एसएसपी।
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सोमवार को धारचूला निवासी अक्षय कुमार ओली अपने साथ अल्मोड़ा के बयारी गांव निवासी विनोद कुमार पांडे को लेकर पंतनगर विवि के सुरक्षा विभाग पहुंचा था। वहां उसने सुरक्षा अधिकारी को बताया कि विनोद ने उससे पंत विवि में पुस्तकालय सहायक पद पर नियुक्ति के लिए 1.26 लाख रुपये लिए थे। विनोद ने उसे फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया था। कुछ दिन बाद नियुक्ति पत्र के फर्जी होने का पता चलते ही उसने विनोद से अपनी दी गई रकम वापस मांगी।
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तीन माह में विनोद ने उसको 56 हजार रुपये वापस भी किए। शेष 70 हजार रुपये देने के लिए विनोद ने उसे सोमवार को उसे पंतनगर बुलाया था। सोमवार को उसके पंतनगर पहुंचने पर विनोद ने पैसों को बाद में देने या जल्द ही पंतनगर विवि में नियुक्ति दिलवाने की बात कही। इन्हीं पैसों को देने में आनाकानी के बाद मामला विवि के सुरक्षा विभाग पहुंचा था।
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कुलपति डॉ, तेज प्रताप के निर्देश पर सुरक्षाधिकारी आरसी जोशी ने विनोद कुमार पांडे को पकड़ कर पुलिस के हवाले करते हुए उसके खिलाफ तहरीर सौंपी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और विनोद को हिरासत में लेकर देर रात पूछताछ कर रही थी। इसी बीच वह पानी पीने का बहाना बना कर फरार हो गया। वहीं, एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने मामले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के मामले में दो कांस्टेबलों वीरेंद्र और गणेश को सस्पेंड कर दिया है।
विवि में नियुक्ति के नाम पर कइयों को ठगा
पंतनगर। विवि में फर्जी तरीके से नियुक्ति दिलाने के नाम पर ठगी का समाचार छपने के बाद विनोद की ठगी के शिकार नौ अन्य लोग भी सामने आए हैं। मंगलवार को पंतनगर थाने पहुंचे सात युवाओं और दो युवतियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विनोद पांडे ने उनसे भी जूनियर असिस्टेंट, लैब असिस्टेंट आदि पदों पर नियुक्ति लिए उनसे एक से डेढ़ लाख रुपये तक लिए थे। ये सभी लोग मॉल और अन्य कंपनियों में छोटे-मोटे काम कर अपनी आजीविका चलाते हैं। अब वह चाहते हैं कि उनसे ठगी गई रकम विनोद से उन्हें वापस दिलाई जाए।
पंतनगर थाना प्रभारी देर रात ठगी के आरोपी से पूछताछ कर रहे थे। इसी बीच वह पानी पीने का बहाना कर बाहर निकला और देर तक लौट कर नहीं आया। तत्काल वाहनों की चेकिंग कराई गई साथ ही पुलिस टीमें गठित कर आरोपी के संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही है। जल्द आरोपी गिरफ्त में होगा। आरोपी के फरार होने संबंधी मामले की जांच करा कर दोषी कर्मियों पर कार्यवाही की जाएगी। - बरिंदरजीत सिंह, एसएसपी।