{"_id":"14-78554","slug":"Rudraprayag-78554-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाबा रामदेव और बालकृष्ण पहुंचे शिव धाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाबा रामदेव और बालकृष्ण पहुंचे शिव धाम
Rudraprayag
Updated Thu, 23 Oct 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
केदारनाथ। योग गुरु रामदेव और उनके साथी आचार्य बालकृष्ण ने बुधवार को बाबा केदार के दरबार में दीपावली की पूजा की। बाबा ने केदारनाथ में पूजन सामग्री में सहयोग देने का आश्वासन दिया। करीब दो घंटे केदारनाथ में बिताने के बाद वह हरिद्वार चले गए।
बुधवार को बाबा रामदेव और बालकृष्ण लाव लश्कर के साथ दोपहर करीब12 बजे हेलीकाप्टर से केदारनाथ पहुंचे। उनके साथ इलेक्ट्रानिक मीडिया की भारी भरकम टीम भी थी। जिससे साफ जाहिर हो रहा था कि बाबा यहां ऐसा कुछ न कुछ करने आए हैं, जिससे वह प्रचारित करना चाहते हैं।
मंदिर में आने से पहले उन्होंने कुछ देर तीर्थ पुरोहितों से वार्ता की। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने उनसे पूजा अर्चना के लिए दो क्विंटल चंदन की लकड़ी और दो किलोग्राम केसर देने का अनुरोध किया। बाबा ने पूजन सामग्री और केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य में सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमत्री हरीश रावत ने केदारनाथ जाकर स्थिति देखने का अनुरोध किया था।
विज्ञापन
बाबा ने मंदिर परिसर में स्थित हवन कुंड में यज्ञ भी किया। इस मौके पर उन्होंने मंदिर के मुख्य द्वार के सम्मुख घी के दीये जलाकर दीपावली की शुभकामनाएं दी।
विज्ञापन
बुधवार को बाबा रामदेव और बालकृष्ण लाव लश्कर के साथ दोपहर करीब12 बजे हेलीकाप्टर से केदारनाथ पहुंचे। उनके साथ इलेक्ट्रानिक मीडिया की भारी भरकम टीम भी थी। जिससे साफ जाहिर हो रहा था कि बाबा यहां ऐसा कुछ न कुछ करने आए हैं, जिससे वह प्रचारित करना चाहते हैं।
विज्ञापन
मंदिर में आने से पहले उन्होंने कुछ देर तीर्थ पुरोहितों से वार्ता की। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने उनसे पूजा अर्चना के लिए दो क्विंटल चंदन की लकड़ी और दो किलोग्राम केसर देने का अनुरोध किया। बाबा ने पूजन सामग्री और केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य में सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमत्री हरीश रावत ने केदारनाथ जाकर स्थिति देखने का अनुरोध किया था।
विज्ञापन
बाबा ने मंदिर परिसर में स्थित हवन कुंड में यज्ञ भी किया। इस मौके पर उन्होंने मंदिर के मुख्य द्वार के सम्मुख घी के दीये जलाकर दीपावली की शुभकामनाएं दी।