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किराएदार को मुआवजा, मकान मालिक बेखबर
Rudraprayag
Updated Wed, 08 Oct 2014 05:33 AM IST
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रुद्रप्रयाग। गलत तरीके से आपदा राहत राशि हड़पने के मामले में नोटिस जारी होने से व्यापारियों में हड़कंप है। सबसे अधिक विवाद की स्थिति अगस्त्यमुनि में है। यहां व्यापारी दो गुटों में बंटे हुए हैं। फिलहाल रुद्रप्रयाग और ऊखीमठ तहसील मेें 61 व्यापारियों को नोटिस भेजकर उनसे साक्ष्य मांगे गए हैं। इस संख्या के बढ़ने की संभावना है। अभी सोनप्रयाग, रामबाड़ा, गौरीकुंड और केदारनाथ क्षेत्र की जांच शेष है।
प्रदेश सरकार ने व्यापारियों के स्व मूल्यांकन के आधार पर मुआवजा वितरित किया गया था। इसमें प्रथम सूची में 2909 व्यापारियों को शामिल किए गए। जबकि अभी दूसरी सूची शासन को भेजी गई है। कुछ व्यापारियों ने मुआवजा हड़पने के लिए गड़बड़ी की। एक ही नाम से दो बार, पति-पत्नी के नाम से, बिना नुकसान और बिना प्रतिष्ठान के मुआवजा ले लिया गया। स्थिति यह है कि भवन स्वामियों को पता ही नहीं है कि उनके किराये पर रहने वाले दुकानदार ने मुआवजा ले लिया।
वहीं, जांच के दायरे में आए व्यापारी प्रशासन की कार्रवाई को अनुचित बता रहे हैं। विजयनगर के व्यापारी वीरेंद्र नेगी, सुभाष चौहान, प्रदीप सिंह का कहना है कि आपदा के दौरान उनकी दुकानों में मलबा और पानी घुसने से काफी नुकसान हुआ था, इसलिए उनको मुआवजा मिला है।
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इधर, एसडीएम सदर सीएस चौहान ने बताया कि पटवारी, नायब तहसीलदार और तहसीलदार की टीम मुआवजा लेने वाले प्रतिष्ठानों की जांच कर रही है। तभी नोटिस भेजे जा रहे हैं। वह भी स्वयं मौके पर जाकर सत्यापन कर रहे हैं।
कोट-
अभी जांच चल रही है। गलत तरीके से मुआवजा लेने वालों की संख्या बढ़ सकती है। दोषी पाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
-डा. राघव लंगर, डीएम रुद्रप्रयाग
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प्रदेश सरकार ने व्यापारियों के स्व मूल्यांकन के आधार पर मुआवजा वितरित किया गया था। इसमें प्रथम सूची में 2909 व्यापारियों को शामिल किए गए। जबकि अभी दूसरी सूची शासन को भेजी गई है। कुछ व्यापारियों ने मुआवजा हड़पने के लिए गड़बड़ी की। एक ही नाम से दो बार, पति-पत्नी के नाम से, बिना नुकसान और बिना प्रतिष्ठान के मुआवजा ले लिया गया। स्थिति यह है कि भवन स्वामियों को पता ही नहीं है कि उनके किराये पर रहने वाले दुकानदार ने मुआवजा ले लिया।
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वहीं, जांच के दायरे में आए व्यापारी प्रशासन की कार्रवाई को अनुचित बता रहे हैं। विजयनगर के व्यापारी वीरेंद्र नेगी, सुभाष चौहान, प्रदीप सिंह का कहना है कि आपदा के दौरान उनकी दुकानों में मलबा और पानी घुसने से काफी नुकसान हुआ था, इसलिए उनको मुआवजा मिला है।
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इधर, एसडीएम सदर सीएस चौहान ने बताया कि पटवारी, नायब तहसीलदार और तहसीलदार की टीम मुआवजा लेने वाले प्रतिष्ठानों की जांच कर रही है। तभी नोटिस भेजे जा रहे हैं। वह भी स्वयं मौके पर जाकर सत्यापन कर रहे हैं।
कोट-
अभी जांच चल रही है। गलत तरीके से मुआवजा लेने वालों की संख्या बढ़ सकती है। दोषी पाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
-डा. राघव लंगर, डीएम रुद्रप्रयाग