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बाइस को ऊखीमठ आएगा केंद्रीय सर्वेक्षण दल
Rudraprayag
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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रुद्रप्रयाग। ऊखीमठ में बादल घटने से मची तबाही के दो माह बाद अब केंद्रीय सर्वेक्षण दल 22 नंवबर को आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेगा। केंद्रीय दल प्रभावित क्षेत्र में विभागीय परिसंपत्तियों का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट केंद्र सरकार को प्रस्तुत करेगा।
13/14 सितंबर को ऊखीमठ के पांच गांवों में बादल फटने से आई बाढ़ और भूस्खलन से काफी जनधन की हानि हुई थी। विभिन्न विभागों ने क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आकलन कर जिला प्रशासन को 45.69 करोड़ रुपये के इस्टीमेट सौंपे हैं। जिला प्रशासन की ओर से केंद्रीय आपदा राहत निधि से डिमांड के अनुरूप धन देने की मांग की गई है। इसमें से त्वरित रुप से विभागों को 36.69 करोड़ की जरुरत है। फिलहाल जिला प्रशासन को छह करोड़ मिले हैं।
सीआरएफ में बजट स्वीकृत होने से पहले केंद्रीय सर्वेक्षण दल स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लेगा। दल देखेगा कि दैवीय आपदा से वास्तव में कितना नुकसान हुआ है।
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जिलाधिकारी डा. नीरज खैरवाल ने बताया कि 22 नंवबर की सुबह सवा दस बजे केंद्रीय टीम हेलीकाप्टर से अस्स्थायी हेलीपैड जीआईसी ऊखीमठ के खेल मैदान में उतरेगी। टीम प्रभावित क्षेत्र द्वारा प्रभवित क्षेत्रों का भ्रमण करने के साथ ही विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। डीएम ने बताया कि टीम के कार्यक्रम को देखते हुए लोनिवि रुद्रप्रयाग के अधिशासी अभियंता को लाइजन अफसर नामित किया गया है।
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13/14 सितंबर को ऊखीमठ के पांच गांवों में बादल फटने से आई बाढ़ और भूस्खलन से काफी जनधन की हानि हुई थी। विभिन्न विभागों ने क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आकलन कर जिला प्रशासन को 45.69 करोड़ रुपये के इस्टीमेट सौंपे हैं। जिला प्रशासन की ओर से केंद्रीय आपदा राहत निधि से डिमांड के अनुरूप धन देने की मांग की गई है। इसमें से त्वरित रुप से विभागों को 36.69 करोड़ की जरुरत है। फिलहाल जिला प्रशासन को छह करोड़ मिले हैं।
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सीआरएफ में बजट स्वीकृत होने से पहले केंद्रीय सर्वेक्षण दल स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लेगा। दल देखेगा कि दैवीय आपदा से वास्तव में कितना नुकसान हुआ है।
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जिलाधिकारी डा. नीरज खैरवाल ने बताया कि 22 नंवबर की सुबह सवा दस बजे केंद्रीय टीम हेलीकाप्टर से अस्स्थायी हेलीपैड जीआईसी ऊखीमठ के खेल मैदान में उतरेगी। टीम प्रभावित क्षेत्र द्वारा प्रभवित क्षेत्रों का भ्रमण करने के साथ ही विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। डीएम ने बताया कि टीम के कार्यक्रम को देखते हुए लोनिवि रुद्रप्रयाग के अधिशासी अभियंता को लाइजन अफसर नामित किया गया है।