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नहीं बन पाया अगस्त्यमुनि-चाका पैदल पुल
Rudraprayag
Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
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अगस्त्यमुनि। अगस्त्यमुनि से चाका सिलगढ़ पुल निर्माण की मांग 12 वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। पुल के लिए ग्रामीणों ने धरना, प्रदर्शन और अनशन सब कुछ किया। मौके पर पहुंचे नेताओं और अधिकारियों ने पुल बनवाने के आश्वासन दिए, जो कोरे साबित हुए। अब चाका गांव की महिलाओें ने पुल निर्माण की मांग को लेकर कमर कस ली है। महिलाओं का कहना है कि जरूरत पड़ने पर अनशन भी किया जाएगा।
अगस्त्यमुनि क्षेत्र से जखोली और अगस्त्यमुनि ब्लॉक के गांवों को यातायात से जोड़ने के लिए अगस्त्यमुनि क्रीड़ा मैदान से मंदाकिनी नदी के ऊपर पैदल पुल निर्माण की मांग काफी पुरानी है। 13 अप्रैल 1997 को तत्कालीन मंत्री मातबर सिंह कंडारी ने पुल निर्माण की घोषणा की थी। लेकिन वर्षों तक मामला आगे नहीं बढ़ा। पिछले वर्ष एक माह तक चले आंदोलन के बाद कंडारी ने पुन: निर्माण का आश्वासन दिया। इधर, लोनिवि के ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि स्टाफ की कमी और दैवीय आपदा के काम अधिक होने से पुल का इस्टीमेट बनाने में देरी हुई है। फाइल वर्क कंपलीट है। इस्टीमेट शासन को शासन में भेजने की तैयारी है।
हमारी भी सुनो
हम 12 वर्ष से पुल की मांग करते आ रहे हैं। हमेशा झूठे आश्वासन दिए जाते हैं। अब हम आर-पार की लड़ाई को तैयार हैं। - उमा राणा पूर्व अध्यक्ष महिला मंगल दल चाका
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पुल के अभाव में महिलाएं सबसे अधिक झेलती हैं। प्रसूताओं को अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। यदि पुल बनता तो दुग्ध व्यवसाय भी बढ़ता। - सरोजनी रावत, ग्रामीण महिला चाका
क्षेत्र के गांवों के बच्चे अगस्त्यमुनि पढ़ने जाते हैं। विजयनगर पैदल पुल वाला रास्ता दूर पड़ता है। बरसात में इस मार्ग की हालत भी खराब हो जाती है। -उषा देवी ग्रामीण महिला चाका
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अगस्त्यमुनि क्षेत्र से जखोली और अगस्त्यमुनि ब्लॉक के गांवों को यातायात से जोड़ने के लिए अगस्त्यमुनि क्रीड़ा मैदान से मंदाकिनी नदी के ऊपर पैदल पुल निर्माण की मांग काफी पुरानी है। 13 अप्रैल 1997 को तत्कालीन मंत्री मातबर सिंह कंडारी ने पुल निर्माण की घोषणा की थी। लेकिन वर्षों तक मामला आगे नहीं बढ़ा। पिछले वर्ष एक माह तक चले आंदोलन के बाद कंडारी ने पुन: निर्माण का आश्वासन दिया। इधर, लोनिवि के ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि स्टाफ की कमी और दैवीय आपदा के काम अधिक होने से पुल का इस्टीमेट बनाने में देरी हुई है। फाइल वर्क कंपलीट है। इस्टीमेट शासन को शासन में भेजने की तैयारी है।
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हमारी भी सुनो
हम 12 वर्ष से पुल की मांग करते आ रहे हैं। हमेशा झूठे आश्वासन दिए जाते हैं। अब हम आर-पार की लड़ाई को तैयार हैं। - उमा राणा पूर्व अध्यक्ष महिला मंगल दल चाका
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पुल के अभाव में महिलाएं सबसे अधिक झेलती हैं। प्रसूताओं को अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। यदि पुल बनता तो दुग्ध व्यवसाय भी बढ़ता। - सरोजनी रावत, ग्रामीण महिला चाका
क्षेत्र के गांवों के बच्चे अगस्त्यमुनि पढ़ने जाते हैं। विजयनगर पैदल पुल वाला रास्ता दूर पड़ता है। बरसात में इस मार्ग की हालत भी खराब हो जाती है। -उषा देवी ग्रामीण महिला चाका