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रुद्रप्रयाग जिले में 94 स्कूल भवन जर्जर
ब्यूरो/अमर उजाला रुद्रप्रयाग
Updated Mon, 11 Jul 2016 10:45 PM IST
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पांच वर्षों में जिले में आपदा व अन्य कारणों ने 94 प्राथमिक विद्यालय क्षतिग्रस्त/जर्जर हो चुके हैं। कई विद्यालयों की स्थिति इस कदर दयनीय है कि इन दिनों आसमान में बादल घुमड़ते ही छुट्टी करनी पड़ रही है। जिले में 15 से अधिक विद्यालय पंचायत व मिलन केंद्रों पर चल रहे हैं।
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जबकि राजकीय प्राथमिक विद्यालय खाट (ऊखीमठ) एक वर्ष से गांव के निजी घर में चल रहा है। जनपद में स्वीकृत 559 प्राथमिक विद्यालयों में दो बीते सत्र में बंद हो चुके हैं। 557 विद्यालयों में 94 तीक्ष्ण क्षतिग्रस्त हैं, जो कभी भी किसी हादसे का कारण बन सकते हैं।
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स्थिति इस कदर दयनीय है कि भवन के अभाव में बीते तीन वर्ष से राजकीय प्राथमिक विद्यालय क्यार्क और कोट तल्ला में पांच कक्षाओं का संचालन एक ही कमरे में चल रहा है। विभागीय स्तर पर इन भवनों के पुनर्निर्माण के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इन विद्यालयों में वर्तमान सत्र में साढ़े चार हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
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प्रतिवर्ष विभिन्न मदों में प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। शासन से धन प्राप्त नहीं हो रहा है। इस वर्ष केंद्र और राज्य सरकार और आपदा के तहत 23 विद्यालयों का प्रस्ताव भेजा गया है। धन स्वीकृति होने पर प्राथमिकता के आधार पर पुनर्निर्माण या मरम्मत की जाएगी।
- अजय शर्मा, सहायक अभियंता, सर्वशिक्षा अभियान, रुद्रप्रयाग